मुंबई (सं. भा.) महाराष्ट्र के उद्योग में 80 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए इस साल के मानसून अधिवेशन में कानून लाया जाएगा. इस बात की घोषणा उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने विधान परिषद में की.
सदन में विधायक किरण पावसकर ने उद्योग में स्थानीय लोगों को ज्यादा प्राथमिकता देने का मुद्दा उठाया. जिसके जवाब में देसाई ने कहा कि आमतौर से जिले के अनुसार जो रिपोर्ट मांगी जाती है, उसमें उद्योग में 80 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दिए जाने की बात कही जाती है, लेकिन उसमें कॉन्ट्रैक्ट कमर्चारियों का जिक्र नहीं होता है. नए कानून में कंपनियों को अपनी नियमित व कॉन्ट्रैक्ट दोनों कर्मचारियों का डिटेल्स देना होगा. देसाई ने कहा कि नए कानून में कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों में भी स्थानीय लोगों को 80 प्रतिशत रोजगार देना होगा.
उन्होंने कहा कि मुंबई में कपड़ा मिलों के बंद होने के बाद कई मराठी परिवारों को विस्थापित होना पड़ा है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश प्रत्येक मिल मजदूर को घर देने की है. देसाई ने रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा करने के लिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही है. उन्होंने मुख्यमंत्री स्वर्ण रोजगार योजगार योजना के तहत आसन इंटरेस्ट रेट पर युवाओं को लोन उपलब्ध कराने की बात कही है. चर्चा में नेता विपक्ष प्रवीण दरेकर, भाई जगताप ,विद्या चव्हाण, प्रसाद लाड और मनीषा कायंदे ने भाग लिया.


