मुंबई (स भा): खूबसूरती को लेकर दुनिया भर में अलग-अलग पैमाने रहे हैं—कहीं गोरे रंग को श्रेष्ठ माना गया, कहीं तीखे नैन-नक्श को, तो कहीं चाल-ढाल और बातचीत के अंदाज़ को। लेकिन अब सौंदर्य के सभी पारंपरिक मापदंडों को पीछे छोड़कर गणित ने भी खूबसूरती को परखने का जिम्मा उठा लिया है।
लंदन के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन डॉ. जूलियन डी सिल्वा ने सदियों पुराने ‘गोल्डन रेशियो’ यानी 1.618 के फॉर्मूले को डिजिटल तकनीक से जोड़कर दुनिया की सबसे ‘परफेक्ट फेस स्ट्रक्चर’ वाली हस्तियों की नई लिस्ट तैयार की है। इस अनोखे वैज्ञानिक विश्लेषण में ऐश्वर्या राय बच्चन दुनिया की टॉप-10 खूबसूरत चेहरों में आठवें स्थान पर शामिल हुई हैं।

‘गोल्डन रेशियो’ या ‘फाई’ (ϕ) को प्रकृति का अद्भुत संतुलन माना जाता है। फूलों की पंखुड़ियों, शंखों के घुमाव, ऐतिहासिक इमारतों की बनावट तक—हर जगह यही अनुपात दिखाई देता है। दावा है कि यह रेशियो इंसानी दिमाग को सबसे सहज और आकर्षक लगता है। इसी सिद्धांत को चेहरों की बनावट पर लागू कर डॉ. डी सिल्वा ने आंखों, नाक, होंठ और ठुड्डी के आपसी अनुपात को कंप्यूटर तकनीक से मापा।

उनके अनुसार जिनका चेहरा इस ‘परफेक्ट रेशियो’ के जितना करीब होता है, वे उतने अधिक आकर्षक माने जाते हैं—चाहे वे किसी भी देश या संस्कृति से हों। ऐश्वर्या राय बच्चन, जो पहले भी मिस वर्ल्ड का ताज जीत चुकी हैं, इस वैज्ञानिक मूल्यांकन में भी बेहतरीन स्कोर लेकर दुनिया की सबसे संतुलित और आकर्षक चेहरों में शामिल हुई हैं।
यह उपलब्धि दिखाती है कि उनकी खूबसूरती सिर्फ रंग-रूप या आंखों के रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके चेहरे के हर फीचर का अनुपात इतना संतुलित है कि वह गणितीय पैमाने पर भी वैश्विक मानकों में शीर्ष पर आती हैं।
ऐश्वर्या एक बार फिर साबित कर रही हैं कि उनकी सुंदरता न सिर्फ सांस्कृतिक, बल्कि वैज्ञानिक स्तर पर भी ‘टाइमलेस’ और ‘ग्लोबली अपीलिंग’ है।


