- दिया न्याय दिलाने का आश्वासन
मालाड (सं. भा.) मालवणी अम्बुजवाड़ी के बेघर हुए 250 परिवारों से समाजसेविका मेधा पाटकर ने मुलाकात की और न्याय दिलाने में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। दरअसल, बीते सप्ताह में अम्बुजवाड़ी में कलेक्टर लैंड पर बने 250 अवैध झोपड़ों को भारी बारिश के दौरान बीएमसी और कलेक्टर की संयुक्त कार्यवाही के चलते ध्वस्त कर दिया गया था, जिसके बाद से बेघर हुए 250 परिवार के लोग न्याय की गुहार लगाते हुए खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर है। मेधा ने स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए सरकार पर निशाना साधा कि ऐसी घटनाएं तभी होती हैं, जब बिल्डर सरकार का आधार होते हैं और मंत्री और अधिकारी बिल्डरों से जुड़े होते हैं। 250 घर क्यों तोड़े गए? मैं यह भी बता सकती हूं कि किस बिल्डर का संबंध किस नेता से है।

बारिश में तोड़-फोड़ की कार्रवाई करना गैरकानूनी
पाटकर ने कहा कि असल में बरसात के मौसम में तोड़-फोड़ की कार्रवाई करना गैरकानूनी है प्रशासन को जवाब दे होगा कि जब एक जून के बाद कोई भी निर्माण न तोड़ने का सरकारी आदेश था तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों की गई? न्याय के लिए स्थानीय विधायक असलम शेख ने विधानसभा में आवाज उठाई थी। जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहना चाहिए। हम यह लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ेंगे।
विधायक असलम शेख का कहना है कि जिन अधिकारियों ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए मानसून में 250 परिवारों को बेघर किया है, उन पर कानूनी कार्यवाही करते हुए उन्हें निलंबित करना चाहिए और बेघर लोगों की पात्रता को देखते हुए उनके हक का घर देना चाहिए।


