- सरकार ने बनाई कमिटी
मुंबई (सं. भा.) : राज्य में कुष्ठरोग (ग्रेड 2 विकार) से प्रभावित लोगों के पुनर्वसन के लिए सरकार ने एक समिति गठित की है। इस समिति को कुष्ठ रोगियों का कौशल्य विकास करने, उन्हें नौकरी दिलाने और विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आवास, लोन सहित अन्य योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया है।
कुष्ठ रोग को लेकर लोगों में जागरूकता नहीं है। इसके चलते कई बार अपने भी साथ छोड़ देते हैं। राज्य के कई अस्पतालों में मरीज ठीक होने के बावजूद परिवार उन्हें उनके हाल पर छोड़ कर चले जाते हैं। इनमें से कुछ ही लोगों का पुनर्वसन हो पाता है। अब कुष्ठ रोग से ठीक हो चुके लोगों को उनका हक दिलाने और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य सरकार ने 11 सदस्यों वाली एक समिति की स्थापना की है। सचिव, सार्वजनिक आरोग्य विभाग की अध्यक्षता वाली इस कमिटी में सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर्स, राज्य कुष्ठ रोग नियंत्रण विभाग आदि का समावेश है। इसी के साथ कुष्ठ रोग के लिए काम कर रहीं सामाजिक संस्थाओं को भी इस समिति में शामिल किया गया है।
अनेक सामाजिक संस्थाओं में से एक बॉम्बे लेप्रोसी प्रॉजेक्ट के निदेशक डॉ. विविक पाई ने कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों को वापस समाज की मुख्य धारा में लाने की सरकार की काफी सकारात्मक पहल है। इसमें स्वास्थ्य, विधि, महिला बाल कल्याण, समाज कल्याण विभाग, सहित अन्य विभागों को शामिल सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावितों तक पहुंचाने का लक्ष्य सामाजिक संस्थाओं को भी इस समिति में शामिल किया गया।

किया गया है। अब तक सिर्फ डिटेक्शन पर ही फोकस किया जाता था, लेकिन इस बार सरकार ने उनके पुनर्वसन, नौकरी के अवसर, वोकेशनल ट्रेनिंग आदि के बारे में सोचा है। इस समिति का मकसद यही होगा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं लाभ प्रभावितों तक पहुंचाना है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि समिति की बैठक अभी होनी बाकी हैं। सबसे पहले हमें यह पता करना होगा कि ग्रेड 2 के विकार वाले कितने लोग हैं। उन्हें प्रशिक्षण देने, नौकरी दिलाने व स्वावलंबी बनाने के लिए हर मुमकिन प्रयास किया जाएगा।


