- २-३ रुपए की होगी वृद्धि
मुंबई (सं. भा.) आम आदमी पर महंगाई का बोझ कम नहीं हो रहा है। ईंधन, अनाज और सब्जियों के साथ ही अब तबेले के दूध में भी महंगाई की आग लगने जा रही है। मुंबई में एक सितंबर से तबेले के दूध की खुदरा कीमत में २ से ३ रुपए वृद्धि हो जाएगी। थोक दर में भी २ रुपए का इजाफा होगा। यह निर्णय शनिवार को दूध विक्रेताओं की बैठक में लिया गया है। तबेला चालकों का कहना है कि पशु चारे की कीमत में लगातार बढ़ोतरी होते जा रही है, जिसका असर दूध उत्पादकों पर पड़ रहा है। ऐसे में इसका असर अब दूध की कीमत पर पड़ेगा। फिलहाल, भैंस के एक लीटर दूध की कीमत ८५ रुपए है, जो एक सितंबर से बढ़कर ८७ रुपए होगी। वहीं खुदरा दूध ८७-८८ रुपए में बिकेगा। ऐसे में एक बार फिर से मुंबई में दूध में महंगाई का ऊबाल आने जा रहा है, जो आम जनता की जेबों पर डाका डालेगा। उल्लेखनीय है कि मुंबई शहर में तीन हजार से ज्यादा दूध विक्रेता हैं। मुंबई के सभी दूध विक्रेताओं की शनिवार को बैठक हुई, जिसमें भैंस के दूध की कीमत को लेकर अहम फैसला लिया गया है। एमएमपीए के उपाध्यक्ष रमेश दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में भैंस के दूध की थोक कीमत दो रुपए प्रति लीटर बढ़ाने का एलान किया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक नई दरें एक सितंबर से लागू हो जाएंगी। इसमें निर्णय लिया गया कि जो दूध ब्रांडेड नहीं है या खुले में बेचे जानेवाले पैकेट के दूध की कीमत में बढ़ोतरी होगी। पशुओं के चारे के दाम बढ़ गए हैं। चारे की कीमतें बढ़ने से इसका असर दूध उत्पादकों पर पड़ रहा है। इसे देखते हुए दूध उत्पादकों ने खुले दूध की कीमत बढ़ाने का पैâसला किया है।

दूध कारोबार पर चारे की कमी का असर
बारिश का आधा मौसम खत्म हो चुका है लेकिन राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश नहीं हुई। बारिश ने जैसे मुंह मोड़ लिया है। इसका सीधा असर डेयरी उद्योग पर भी पड़ा है। कई इलाकों में चारे की कमी होने लगी है। ऐसे में इसका असर दूध कारोबार पर पड़ रहा है।
दूध की कीमत पर सरकार का नहीं है कोई नियंत्रण
केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने संसद में कहा कि पशुपालन और डेयरी विभाग देश में दूध की कीमत को नियंत्रित नहीं करता है। सरकार देश में दूध की खरीद और बिक्री को नियंत्रित नहीं करती है। सहकारी समितियों और निजी डेयरियों द्वारा इसकी कीमतों और बाजार स्थितियों के अनुसार तय की जाती है।


