मुंबई (सं.भा.)। सुरक्षा की दृष्टी से शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उसकी देखबाल करने का आखिरकार स्थाई आधार मिल ही गया। इस पर होने वाले खर्च का सारा जिम्मा मीरा – भायंदर मनपा उठाएगी। मनपा की आमसभा में सीसीटीवी लगाने को आर्थिक व प्रशासकीय मंजूरी दे दी गई। इससे पहले कुछ ठिकानों पर पुलिस ने जनसहयोग से सीसीटीवी लगाए थे, पर देखभाल व मरम्मत के आभाव में अधिकतर कैमरे बंद पड़ गए। शहर में सीसीटीवी लगाने की शुरुआत कुछ साल पहले एसडीपीओ सुहास बावचे ने की थी।
जनसहयोग से उन्होंने कुछ ठिकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। सबसे बड़ी समस्या उसकी देखरेख व मरम्मत की थी। पुलिस प्रशासन से इसके लिे कोई रकम मुहैया नहीं कराई गई थी। बावचे जब तक थे, तब तक देखभाल हुई । उनके जाने के बाद अधिकारी सीसीटीवी कैमरे बंद पड़ गए।
एसडीपीओंशांताराम वलवी ने बताया कि अभी भी कुछ परमुख ठिकानों पर सीसीटीवी चालू है। हम सोसायटी/ दुकानदारों से एक कैमरा सड़क की दिशा में लगाने की अपील की गई हैं। कुछ लोग ऐसा कर भी रहे हैं।
इस बीच कई संयुक्त मीटिंग में पुलिस के बड़े अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने का खर्च मीरा – भायंदर मनपा को उठाने का आग्रह किया था। अब मनपा से अंतिम मंजूरी मिली है। सीसीटीवी कैमरे प्रमुख ठिकानों पर लगाए जाएंगे।
कहां लगाना है?
सिटी पुलिस, ट्रैफिक पुलिस व मनपा के सुझाव पर एसपी तय करेंगे। इस पर ९ करोड़ रुपए का खर्च आने की उम्मीद है। पूर्व – पश्चिम को जोड़ने वाले उड़ान पुल के नीचे नियंत्रण कक्ष होगा। सीसीटीवी लगाने का काम ठेकेदार के माध्यम से किया जाएगा। ठेके में ५ साल तक सीसीटीवी कैमरों की देखभाल व मरम्मत की जिम्मेदारी शामिल रहेगी। सीसीटीवी फुटेज व उसके देखभाल की जिम्मेदारी पुलिस की रहेगी।


