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वित्त नियंत्रक विभाग के बिना एनओसी, कैसे मिली रुपारेल बिल्डर को परमिशन

मुंबई (सं. भा.)। रुपारेल बिल्डर जब से कांदिवली पश्चिम के गणेश नगर क्षेत्र में झोपड़पट्टी पुनर्विकास योजना (एसआरए) का कार्य करने आया है। तब से नेताओंकी तो चांदी हो गई है परंतु झोपड़ाधारक हर पल डरे-सहमें रहते हैं कि कब उन का आशियाना उनसे छीना जाएगा। इतना ही नही एसआरए के अपने प्रोजेक्ट को हर हाल में पूरा करने के लिए रुपारेल बिल्डर साम-दाम-दंड-भेद की नीति पर चलते हुए नियम-कानून को भी ताक पर रख दिया है।

बता दें कि एसआरए के तहत बिल्डर को सबसे पहले झोपड़ाधारको को बिल्डिंग बना कर उन्हें वहां स्थानांतरित करना यानी घर देना जरुरी है। रुपारेल बिल्डर के लिए शायद एसआरए का यह नियम लागू नही होता है। उसने तो एसआरए के साथ-साथ अपना सेल का बिल्डिंग भी बनाना शुरु कर दिया है। नियम के अनुसार सेल की बिल्डिंग बनाने के लिए एसआरए के वित्त नियंत्रक विभाग द्वारा अनापति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है। सूत्रों की माने तो रुपारेल बिल्डर को वित्त नियंत्रक विबाग ने कोई एनओसी नहीं दिया है इसके बावजूद उसने सेल बिल्डिंग को धड़ल्ले से बनाना जारी रखा है। जिस जगह पर एसआरए और सेल बिल्डिंग रुपारेल बिल्डर द्वारा बनाया जा रहा है उसका सीटीएस नंबर ४७१ (अ) है। इसी एसआरए स्कीम की जगह पर बिल्डर द्वारा किए गए गड्ढे में डूबने से ७ वर्षीय आदित्य चौहान की मौत हो गई। साइट, पर बिल्डर पूरी सुरक्षा बरतते हुए काम कर रहा है यह देखने और जांच करने की जिम्मेदारी एसआरए के विभिन्न अभियंताओंकी होती है। एसआरए के उपमुख्य अभियंता पवार, सहायक अभियंता अ. म. खान और दोयम अभियंता नि. दि. देशमुख रुपारेल बिल्डर के इस प्रोजेक्ट में बरती जा रही अनियमितताओंके प्रति लग रहा है अपनी आंखे मुंद  रखी है। यह अधिकारी भी उस मासूम की मौत के लिए उतने ही जिम्मेदार है जितना रुपारेल बिल्डर स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से आदित्य चौहान की बिल्डर द्वारा बनाए गए गड्ढे में डूबने से मौत हुई है और लोग आक्रोशित हुए है तब से क्षेत्र के छोटे-बड़े गुंडे टाइप लोगों की निकल पड़ी है। रुपारेल बिल्डर ने इन सब को अपने पे रोल पर रख लिया है। यह गुंडे दिन रात क्षेत्र में घुमते दिखाई देते है जिस से लोगों में दहशत का माहौल है। इतना ही नहीं उस घटना के बाद से कांदिवली पुलिस की एक टीम गाड़ी के हाथ वहां खड़ी रहती है। लोगों का कहना है कि यह बिल्डर की सुरक्षा में यहां खड़े रहते है यह आम लोगों के यह एक जांच का विषय है।

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