- पत्नी ने ही बुझा दी पूर्व डीजीपी ओमप्रकाश की जीवनदीप
बेंगलुरु (सं. भा.) : कर्नाटक के पूर्व डीजीपी और बिहार के बेतिया निवासी ओमप्रकाश की नृशंस हत्या ने न सिर्फ पुलिस महकमे को, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों को भी स्तब्ध कर दिया है। जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश की हत्या उनकी पत्नी पल्लवी ने सुनियोजित तरीके से की। हत्या के समय ओमप्रकाश मछली खा रहे थे, तभी पत्नी ने उनकी आंख में मिर्ची डाल दी और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
बताया जाता है कि पति-पत्नी के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। ओमप्रकाश अपनी बहन को संपत्ति में हिस्सा देना चाहते थे, जिसका पत्नी पल्लवी विरोध कर रही थी। इसी तनातनी के बीच एक दिन बहला-फुसलाकर ओमप्रकाश को बहन के घर से अपने घर बुलवाया गया और वहीं उनकी हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या के बाद भी पल्लवी पर किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा और थाने में वह सामान्य नजर आई।

मृतक ओमप्रकाश एक मिलनसार, मृदुभाषी और समाजसेवा में अग्रणी पुलिस अधिकारी के रूप में पहचाने जाते थे। उनके करीबी बताते हैं कि उन्होंने कई बार अपने जान पर खतरे की आशंका जताई थी। हत्या की खबर मिलते ही बेंगलुरु के एमसीएचए ग्राउंड में अंतिम दर्शन के लिए पुलिस महकमे के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेताओं का तांता लग गया। पुलिस कमिश्नर दयानंद, आईजीपी विकास कुमार विकास, पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने गहरे दुख के साथ कहा कि सपने में भी नहीं सोचा था कि ओमप्रकाश जैसा मित्र और सहयोगी इस तरह असमय हमारा साथ छोड़ देगा। बिहार से संबंध रखने वाले अभिषेक ब्रम्हर्षि, अभिषेक कुमार पांडेय, विपिन ब्रम्हर्षि, सुनील कुमार ठाकुर समेत कई समाजसेवियों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि ओमप्रकाश कर्नाटक में बिहारियों के एक मजबूत अभिभावक के रूप में हमेशा मददगार रहे।
पुलिस ने पत्नी पल्लवी का बयान दर्ज कर उसे जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए बहुपक्षीय जांच की जा रही है।


