मुंबई (सं. भा.) : मालाड पश्चिम, मालवणी के न्यू कलेक्टर कंपाउंड में पिछले दिनों अवैध रुप से बनाया गया एक तीन मंजिला मकान धराशायी हो गया था। हादसे में 12 लोगों की मौत तथा सात लोग घायल हुए थे। मुंबई हाईकोर्ट ने इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए गहराई से जांच का आदेश दिया है। इतना ही नही हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज के मार्गदर्शन में जांच पूरी कर 24 जून को जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश भी दिया है। मुंबई हाईकोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए महाडा ने आनन फानन में मालवणी 8 नंबर में बने महाराष्ट्रा हाऊसिंग बोर्ड के बने 159 चॉल के लगभग 2500 घरों को नोटिस दिया गया है। इस नोटिस के मिलने के बाद से यहां दहशत व्याप्त है।

गौरतलब है कि मालवणी के ओल्ड कलेक्टर कंपाउंड, न्यू कलेक्टर कंपाउंड, महाराष्ट्र हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी, अंबुजवाड़ी सहित इस क्षेत्र के कई इलाकों में मूल घर के ऊपर अवैध निर्माण कर तीन से चार मंजिल बना दिया गया है। पिछले दिनों न्यू कलेक्टर कंपाउंड में जो तीन मंजिला मकान गिरा था वह भी कलेक्टर और मनपा पी उत्तर विभाग के अधिकारियों की मदद से अवैध बनाया गया था। महाराष्ट्र हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी 2500 घरों में से अधिकांश के मालिकों ने अवैध रुप से दो से तीन मंजिल ऊपर बना दिया है। वहां लगभग 200 ऐसे भी घर मालिक हैं जिन्होने घर के मूल स्वरुप से कोई छेड़खानी नही की है ना ही ऊपर कोई अवैध मंजिल बनाया है। अब ऐसे लोगों को भी महाडा द्वारा अवैध निर्माण का नोटिस दिए जाने के बाद लोग काफी परेशान हाल हैं। लोगों का कहना है कि यहां के अलावा उनके पास कोई दुसरा घर उप्लब्ध नही है। अगर महाडा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई करती है तो उनके पास बेघर होने के अलावा कोई विकल्प नही बचता है।
गायकवाड नगर ऑनर्स असोसिएशन के अध्यक्ष फिरोज शेख का कहना है कि जिन लोगों ने अपने घरों में अवैध निर्माण नही किया है। उसके बावजूद अगर उन्हें कोई परेशानी होती है तो कानूनी सलाह लेने के बाद महाडा को कोर्ट में घसीटेंगे। उनका यह भी आरोप है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद महाडा ने बिना कोई निरिक्षण किए कुरियर के माध्यम से सभी घरों को नोटिस भेजा है। जो सरासर गलत है।


