मुंबई (सं.भा.) फुटपाथ और सड़कों पर कारोबार करने वाले फेरीवालों की पहचान अब डिजिटल तरीके से सुनिश्चित करने की तैयारी है। पात्र हॉकर्स को क्यूआर कोड आधारित पहचान-पत्र देने की योजना के तहत मनपा करीब एक लाख फेरीवालों को डिजिटल आईडी उपलब्ध कराने जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया पर करीब 1.67 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नई व्यवस्था से अधिकृत और अनधिकृत फेरीवालों की पहचान करने के साथ उनके रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन भी आसानी से किया जा सकेगा।
बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत 99,435 पात्र फेरीवालों को क्यूआर कोड वाले डिजिटल पहचान-पत्र दिए जाएंगे। पहले चरण में 31 अगस्त तक करीब 55 हजार हॉकर्स को आईडी कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक कार्ड तैयार करने पर करीब 168 रुपये खर्च होंगे।
डिजिटल आईडी तैयार करने की जिम्मेदारी डैक्सी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित फेरीवाले की पहचान और उससे जुड़ा रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से सत्यापित किया जा सकेगा।
मनपा को उम्मीद है कि डिजिटल पहचान व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकृत फेरीवालों की निगरानी और पहचान आसान होगी। साथ ही फुटपाथ कारोबार को व्यवस्थित करने और अवैध रूप से कारोबार करने वालों पर कार्रवाई में भी प्रशासन को मदद मिल सकती है।


