मुंबई (सं. भा.)। पिछले साल कोरोना के चलते अचानक लगाए गए संपूर्ण लॉकडाउन से हर शहरों मे मजदूर कार्य स्थलों पर फस गए थे राशन पानी खत्म होने के बाद उन्हें मजबुरन पैदल ही गांव वापस जाना पड़ा था। इससे सिख लेते हुए इस साल जैसे ही कोरोना की रपÌतार बढ़ने लगी पाबंदियां शुरु हुई मजदुर गांव निकल लिए। कुछ महीने गांव मे बिताने के बाद अब उनकी शहरों मे फिर से वापसी शुरु हो गई है। आरोप लगाया जा रहा है कि गांव से वापस आते समय शहरों मे कोरोना ला रहे हैं। राज्य में लगे लॉकडाउन के कारण यहां काम करने वाले मजदूर दुबारा अपने राज्य वापस लौट गये थे। अब उन राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ने और मुंबई में कम होने के बाद मजदूरों की वापसी हो रही है। लेकिन रेल से आने वाले यात्री अपने साथ कोरोना भी लेकर आ रहे हैं। अन्य राज्यों से मुंबई वापसी कर रहे रेल यात्रियों में कोरोना पॉजिटिव मिलने से बीएमसी की चिंता बढ़ गई है। पिछले २३ दिनों में अब तक रेल से आने वाले ५५३ यात्री कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
बीएमसी की चिंता बढ़ी
बीएमसी अधिकारी के अनुसार लंबी दूरी की ट्रेनों से आने वाले १ लाख २९ हजार ६१ रेलवे यात्रियों की जांच की गई है। जिसमें ५५३ यात्री कोरोना संक्रमित मिले है। मुंबई के सीएसएमटी, दादर, एलटीटी, पनवेल, मुंबई सेंट्रल. भांद्रा टर्मिनस, कल्याण, ठाणे, बोरीवली स्टेशन पर १७ अप्रैल से जांच शुरु की गई थी। जांच में जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण पाए गए थे उन्हें क्वारंटाइन में भेज दिया गया है। राज्य सरकार ने उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान, गोवा, गुजरात, केरल और दिल्ली इन आठ राज्यों से मुंबई आने वाले यात्रियों को ७२ घंटर पहले आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य किया है। लेकिन अधिकांध यात्री बिना रिपोर्ट लिए ही आ रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि मुंबई आने वाले यात्रियों का कहना है कि उनके प्रदेश में जांच कराने के बाद भी रिपोर्ट आने में पांच छह दिन लग जाते है इसलिए बिना जांच कराए ही वापस आ रहे हैं। अधिकारी के अनुसार यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है। इसमें यदि प्राथमिक लक्षण दिखता है तो रेपिड एंटीजन टेस्ट किया जाता है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर क्वारंटाइन में भेज कर आरटीपीसीआर किया जाता है। बीएमसी की चिंता यह है कि रेलवे से आने वाले यात्री इसी तरह बिना जांच के साथ में कोरोना वायरस लाते रहे तो अब तक की गई मेहनत पर पानी फिर जाएगा। कोरोना का संक्रमण फिर से तेज हो जाएगा।


