8 महीने का ₹516.7 करोड़ बकाया कमीशन न मिलने से आंदोलन की चेतावनी
मुंबई (स भा)। महाराष्ट्र में सरकारी राशन दुकान संचालक इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनमें राज्य सरकार के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। राशन दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें पिछले आठ महीनों से अपने बकाया कमीशन का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनकी दुकानों का संचालन मुश्किल हो गया है। लगभग 516.7 करोड़ रुपए का यह बकाया कमीशन न मिलने के कारण दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली का बिल, तौल कर्मचारियों का वेतन और ई-पीओएस मशीन रिचार्ज जैसे दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
महाराष्ट्र में कुल 55,495 सरकारी राशन की दुकानें संचालित हैं, जिनके माध्यम से 1,73,15,670 करोड़ राशन कार्ड धारकों को अनाज वितरित किया जाता है। इनमें अंत्योदय राशन कार्ड धारकों की संख्या 2,482,754 है। इन दुकानों के जरिए कुल 6,84,82,715 लाभार्थियों में चावल, ज्वार और गेहूं जैसे अनाज वितरित किए जाते हैं। इसी क्रम में, नवंबर से जून तक कुल 34,44,723 मीट्रिक टन (यानी 34,447,230 क्विंटल) अनाज वितरित किए गए हैं। इसमें चावल 20,02,969 मीट्रिक टन, गेहूं 13,71,737 मीट्रिक टन और ज्वारी 70,071 मीट्रिक टन शामिल है।
राशन दुकानदारों ने सरकार से तुरंत कमीशन का भुगतान करने की मांग की है, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार द्वारा प्रति क्विंटल 150 रुपए का कमीशन इस बढ़ती महंगाई में नाकाफी है, जिससे उनकी वित्तीय परेशानियां और बढ़ रही हैं।


