कल्याण (सं. भा.)। भीषण गर्मी के बीच बिजली उपभोक्ताओं को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए महावितरण ने बड़ा निर्णय लिया है। अब बिजली आपूर्ति से जुड़े निर्धारित रखरखाव और मरम्मत कार्य सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच ही किए जाएंगे, ताकि दिन के समय होने वाली लंबी बिजली कटौती से नागरिकों को राहत मिल सके। मुख्यालय की ओर से यह निर्देश सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को जारी कर दिया गया है।
दरअसल, ग्रीष्म ऋतु में बिजली की मांग काफी बढ़ जाती है और इसी दौरान बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए व्यापक स्तर पर मेंटेनेंस और मरम्मत कार्य भी किए जाते हैं। अभी तक ये कार्य कई क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे या कई बार शाम 4 बजे तक चलते थे, जिसके चलते लोगों को तेज गर्मी में बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को देखते हुए महावितरण ने समय में बदलाव का निर्णय लिया है।
महावितरण के अनुसार, राज्यभर में यह रखरखाव अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य मानसून के पहले बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करना है। बारिश के मौसम में अक्सर तकनीकी खामियों के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती है और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ जाते हैं, ऐसे में पहले से ही मरम्मत कार्य पूरा कर लेने पर इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
नए दिशा-निर्देशों के तहत उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा कम करने के लिए वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस के जरिए पूर्व सूचना देने और मीडिया के माध्यम से भी जानकारी साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रखरखाव कार्यों में बिजली लाइनों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की शाखाओं की छंटाई, टूटे हुए पिन और डिस्क इंसुलेटर को बदलना, वितरण ट्रांसफॉर्मर, फीडर पिलर और रिंग मेन यूनिट की अर्थिंग की जांच, ट्रांसफॉर्मर के तेल का निस्पंदन और भराव, वितरण बॉक्स की मरम्मत, खराब बिजली अवरोधकों को बदलना जैसे कई तकनीकी काम शामिल हैं। इसके अलावा बिजली के खंभों और तारों को मजबूत करना, ढीले तारों को ठीक करना, जर्जर या क्षतिग्रस्त खंभों को बदलना, पुराने तारों को बदलना, फीडर पिलर की सफाई और जरूरत अनुसार इन्सुलेशन का छिड़काव जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं।
महावितरण ने स्पष्ट किया है कि यह सभी काम आमतौर पर मई महीने के अंत तक पूरे कर लिए जाते हैं, ताकि मानसून के दौरान निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विभाग का मानना है कि सुबह के समय मेंटेनेंस कार्य करने से एक ओर तकनीकी काम समय पर पूरे होंगे, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी के दौरान होने वाली परेशानी से काफी हद तक राहत मिलेगी।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत, मरम्मत कार्य का समय बदला
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