- मध्य रेलवे के 15 स्टेशन किए गए शामिल
मुंबई (सं. भा.) : एक रेलवे स्टेशन पर एक स्थानीय उत्पाद की बिक्री कर बढ़ावा देने के उदेश्य से मध्य रेलवे ने एक अच्छी पहल की है। ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ मुहिम के तहत मध्य रेलवे ने कुछ दिन पहले छत्रपती शिवजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर धारावी में बने चमड़े के सामानों को बेचने की शुरुआत की है। लोगों का इसका अच्छा प्रतिशाद भी देखने को मिल रहा है। इस कड़ी में अब मुंबई के और भी स्टेशनों को जोड़ा जा रहा है। इन सभी स्टेशनों पर अलग-अलग, लेकिन विशेष उत्पाद की बिक्री होगी।
सीएसएमटी की तरह ही अब दादर में भी धारावी में बने चमड़े के विशेष उत्पाद की बिक्री होगी। भायखला और भांडुप में क्राफ्ट जूलरी, परेल में टेक्स्टाइल आइटम और सायन और एलटीटी में हैंडलूम उत्पादों की बिक्री होगी। इसी तरह, मुलुंड और ठाणे में बांस से बने उत्पाद की बिक्री होगी। कल्याण में हाथ से बने सजावट के सामान, अंबरनाथ में जूट से बने आइटम, बदलापुर में स्टोन आर्ट के उत्पाद, लोनावला में चिक्की, इगतपुरी में सीजनल फूड और फल और पनवेल में कागज के बने उत्पाद की बिक्री होगी।
इससे पहले मध्य रेल ने अपने 5 मंडलों के पांच स्टेशनों स्टेशन पर ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ लॉन्च किया था। इसमें सीएसएमटी रेलवे स्टेशन के अलावा, पुणे मंडल के कोल्हापुर (छत्रपति शाहू महाराज टर्मिनस) स्टेशन पर कोल्हापुरी चप्पल, भुसावल मंडल के बुरहानपुर स्टेशन पर स्थानीय हस्तशिल्प, सोलापुर स्टेशन पर सोलापुरी चादर (वस्त्र) और नागपुर में स्टेशन, बांस उत्पादों के लिए चुना गया।
इस वर्ष के केंद्रीय बजट के दौरान रेलवे के जरिए स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ योजना की घोषणा थी। मध्य रेलवे ने परियोजना में योगदान देते हुए अपने सभी मंडल में शुरुआत की है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र के कारीगरों, कुम्हारों, बुनकरों/ हथकरघा बुनकरों को बेहतर आजीविका और कल्याण प्रदान करने के लिए यह एक बेहतर अवसर है। रेलवे स्टेशन को उत्पाद के लिए एक प्रचार और बिक्री केंद्र बनाकर भारतीय रेलवे के प्रत्येक हॉल्ट से एक स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देना है।


