पीड़ित सुरेश शुक्ला
– गैंगेस्टर एक्ट में 14-01 की कार्यवाही के लिए सीएम से मिलेंगे पीड़ित
फतेहपुर (प्रमोद श्रीवास्तव)। तक़रीबन दो वर्ष पूर्व सदर कोतवाली में दर्ज हुए हत्या का प्रयास आदि गंभीर धाराओं वाले प्रकरण में पुलिस द्वारा क्वायसिंग रिपोर्ट लगाने के बाद अंत्योगत्वा न्यायालय ने पत्रावली को दाखिल दफ़्तर करने का आदेश जारी कर दिया। अदालत ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया है कि एक पुराने मुकदमें में सुलह समझौता के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से यह फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब इस सनसनीखेज मामले में पुलिस की भूमिका पर चौतरफा सवाल उठ रहे हैं। उधर शैलेंद्र सिंह के खिलाफ़ 14-01 की कार्यवाही के लिए वादीगण मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि शहर के चित्रांश नगर निवासी अमित शुक्ला ने 03 जनवरी 2021 को शैलेन्द्र सिंह उर्फ़ राजू यादव एवं उसके पिता राम नरेश सिंह यादव के खिलाफ़ (मु.अ.सं. 07/2021) धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में एक मुक़दमा दर्ज कराया था, जिसमें बाद में मानव तस्करी की धारा भी जोड़ी गई। इस मुकदमें में सुलह समझौता हेतु दबाव बनाने के उद्देश्य से शैलेन्द्र सिंह उर्फ़ राजू यादव ने 12 सितम्बर 2022 को एक फर्जी एफआईआर अमित शुक्ला एवं उसके पिता सुरेश शुक्ला के खिलाफ़ दर्ज़ कराया। वैसे तो यह एफआईआर तत्कालीन एसपी राजेश कुमार सिंह के आदेश पर सदर कोतवाली में दर्ज हुईं थी, किन्तु दर्ज़ होने के कुछ ही घण्टे में स्थानीय पुलिस की संदिग्ध भूमिका को लेकर बवाल मच जाने से पुलिस ने पहला पर्चा काटने के साथ ही इसे स्पंज कर दिया।
उधर इसके कुछ ही दिनों बाद शैलेन्द्र जेल चला गया। बाद में उस पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत् भी कार्यवाही कर दी गई, जो लगभग 09 माह बाद हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ।
यहां पर गौरतलब है कि गैंगेस्टर एक्ट के विवेचक मुकेश सिंह थाना प्रभारी मलवा ने विगत 23 मई 2024 को गैंगेस्टर कोर्ट में शैलेन्द्र सिंह व सह अभियुक्त आशुतोष सिंह के खिलाफ़ चार्जशीट तो दाखिल कर दी किन्तु विवेचक द्वारा 14-01 (अवैध रूप से अर्जित संपत्ति) की कार्यवाही (सीजिंग) नहीं की गई जबकि वादी मुकदमा लगातार इसकी मांग करता रहा है।
ख़बर है कि बहुत जल्द वादी मुकदमा अमित शुक्ला सहित आधा दर्जन अन्य मुकदमों के पीड़ित वादी शैलेंद्र सिंह के खिलाफ़ 14-01 की कार्यवाही की मांग हेतु सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। वादीगणों का आरोप है कि 15 माह से अधिक समय होने के बावजूद पुलिस द्वारा शैलेंद्र सिंह द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति पर 14-01 की कार्यवाही न किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसको लेकर मुख्यमंत्री से मिलकर गुहार लगाएंगे।


