मुंबई (सं. भा.)। मुंबई में लगभग दो महीने के बाद सभी दुकानें जिनमें रेस्तरां, जिम, सैलून सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं, सोमवार को फिर से खुल गए हैं. दुकानों के खुलने से एकबार फिर चहल पहल और चारो तरफ भीड़ भाड़ देखने को मिल रहा है. दुकानदारों में चेहरों पर भी खुशी नजर आने लगी है। छिटपुट ही सही ग्राहक दुकान पर पहुचने लगे हैं. ये छूट महाराष्ट्र सरकार की पांच-स्तरीय ‘अनलॉक योजना’ के तहत स्तर- 3 में दी गई है. सरकार द्वारा शुरु किए गए अनलॉक प्रक्रिया के बाद महानगरपालिका (बीएमसी) ने नागरिकों से अपील की है कि कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करें.
सरकार के आदेश के अनुसार, मुंबई में आवश्यक दुकानें सप्ताह के सभी सातों दिन शाम चार बजे तक खुली रहेंगी, लेकिन गैर-जरूरी दुकानें केवल सोमवार से शुक्रवार को ही शाम चार बजे तक खुली रहेंगी.शनिवार और रविवार को गैर-जरुरी दुकाने पूरी तरह बंद रहेंगी। इससे पहले, आवश्यक और गैर-जरूरी दोनों दुकानों को दोपहर 2 बजे तक खुले रहने की अनुमति थी. मनपा द्वारा नए आदेश के अनुसार, मॉल, मल्टीप्लेक्स और थिएटर बंद रहेंगे.हालांकि केमिस्ट की दुकानें चौबीसों घंटे खुली रहेंगी.
लकी मैट्रेससेस एंड फर्नीचर के मुन्ना भाई चौहान
ने राज्य सरकार के इस निर्णय पर खुशी जाहिर की और बताया कि करीब 2 महीने बाद दुकान को खोलने का मौका मिला है। अबतक दुकानदारों का काफी नुकसान हुआ है। चौहान का कहना है कि सरकार को दुकान बन्द करने के बाद कम से कम दुकानदरों से टैक्स और जीएसटी तो नही लेने चाहिए. इसी तरह बोरीवली पश्चिम , एस.वी. रोड स्थित
अमर फ़ास्ट फ़ूड रेस्टोरेंट के मैनेजर मुकेश नंदोसकर का कहना है कि सरकार ने करीब 2 महीने बाद होटल खोलने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होने दुख भी जताया कि सरकार ने लॉकडाउन के दौरान होटल वालों को कोई राहत नही दिया. EMI और बिजली बिल, पानी का बिल के अलावा शॉप रेंट में सरकार ने कोई राहत नही दिया. होटल खोल दिया है तो अब आगे सरकार बंद न करे यही उम्मीद करता हूँ ।
उन्होने दुख जताते हुए बताया कि होटल बंद होने के बावजूद पानी का बिल सवा लाख आया है जबकि होटल चालू रहता था तब भी डेढ़ लाख के आस पास पानी का बिल आता था। बीएमसी कहती है इस्टीमेटेड बिल है.


