- मनसे नेताओं को शिवसेना (उद्धव) से गठबंधन पर बात करने से मना
मुंबई (सं. भा.) : महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपनी पार्टी के नेताओं को सख्त हिदायत दी है कि वे शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के साथ संभावित गठबंधन या किसी भी प्रकार की बातचीत को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई भी बयान न दें। राज ठाकरे ने स्पष्ट कर दिया है कि इस विषय पर केवल वही अंतिम निर्णय लेंगे और पार्टी में अन्य कोई नेता इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में मीडिया में मनसे और उद्धव ठाकरे गुट के संभावित गठबंधन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। कुछ मनसे नेताओं के बयानों ने इन अटकलों को और हवा दी थी, जिससे पार्टी की छवि और राजनीतिक रणनीति पर असर पड़ने की संभावना थी। इसी को देखते हुए राज ठाकरे ने हस्तक्षेप कर यह स्पष्ट निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस विषय पर किसी भी सार्वजनिक या निजी मंच पर चर्चा न करें।

मनसे के एक पदाधिकारी के अनुसार, राज ठाकरे चाहते हैं कि आगामी चुनावों के मद्देनजर पार्टी की रणनीति एकजुट और स्पष्ट रहे। गठबंधन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अनावश्यक चर्चाएं कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं, जो पार्टी के हित में नहीं है। इस कारण अब से पार्टी के स्तर पर इस मुद्दे पर सख्ती से मौन साधे जाने का निर्देश दिया गया है।
पार्टी में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि भविष्य में किसी भी तरह का राजनीतिक तालमेल बनाना होगा तो उसकी घोषणा खुद राज ठाकरे करेंगे। फिलहाल, मनसे अपने दम पर संगठन विस्तार और प्रचार-प्रसार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों से महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव) गुट और मनसे के बीच संभावित गठबंधन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। फरवरी 2024 में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच मुलाकात की खबरें भी सामने आई थीं। उस दौरान दोनों नेताओं के बीच “महाराष्ट्रहित” में एकजुटता पर विचार-विमर्श की चर्चा चली थी। कई राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिहाज से एक बड़े समीकरण के तौर पर देखा था। हालांकि, दोनों दलों की ओर से इस पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई थी। अब राज ठाकरे के नए निर्देश के बाद फिलहाल इन संभावनाओं पर विराम लगता दिखाई दे रहा है।


