मुंबई (सं.भा.) महानगर में जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार की जाएगी. इसको लेकर सिस्टम में व्याप्त खामियों को दूर करने के लिए मनपा प्रशासन ने 112 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया है. मुंबई शहर व उपनगरों में हर रोज 3 हजार 800 एमएलडी पानी तुलसी , विहार तानसा, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, मोडक सागर व भातसा कुल 7 जलाशयों से पाइपलाइन के जरिए लाया जाता है.मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था बहुत अधिक पुरानी है. कई स्थानों पर पाइप लाइन बहुत पुरानी एवं जर्जर हैं.मुंबई में लोगों तक कितना पानी पहुंच रहा है इसकी सटीक जानकारी का पता लगाने की यंत्रणा मनपा के पास नहीं है.एक रिपोर्ट के मुताबिक हर रोज लगभग 700 एमएलडी पानी लिकेज से बर्बाद हो जाता है या चोरी चला जाता है.मुंबई जलापूर्ति में सुधार कार्यक्रम के तहत मनपा ने सुवेज इंवायरमेन्ट इंडिया प्रा.लि. को सलाहकार नियुक्त किया था.
सलाहकार कंपनी ने जलाशयों से आने वाले पानी के प्रवाह को मापने की वर्तमान प्रणाली की जांच की थी.जिसके तहत प्रणाली में खामियां नज़र आयीं थीं. सुवेज इंवायरमेन्ट इंडिया रिपोर्ट तैयार कर जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार का सुझाव दिया था.रिपोर्ट के मुताबिक जलाशय से जल शुद्धिकरण केंद्र तक पाइप लाइन एवं सेकंडरी नेटवर्क मतलब जलशुद्धिकरण केंद्र से रिजर्व वायर तक पाइपलाइन में जल का प्रवाह मापने के लिए कार्यरत भिन्न दबाव के प्रवाहमापक को बदला जाना है जिसकी वजह से सटीक जानकारी मिल सकेगी.कई स्थानों पर जलप्रवाह मापक की मरम्मत की जाएगी तो कई स्थानों पर नया मीटर लगाया जाएगा.
सलाहकार की रिपोर्ट के मुताबिक प्रायमरी व सेकंडरी नेटवर्क व जल वितरण प्रणालीमें खामियों को दूर करने के लिए कुल 62 मीटर लगाने के लिए विस्तारित स्वरूप की योजना तैयार की गयी है.
प्रशासन ने विभिन्न कामों के लिए विश्वराज इंवायरमेन्ट प्रा.लि. एवं मेकैट्रॉनिक्स सिस्टिम्स प्रा.लि.की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार कर स्थायी समिति के समक्ष पेश किया है.चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से प्रस्ताव पर निर्णय टाला भी जा सकता है.


