spot_img
Homeमुंबईसरकारी दवाओं की कालाबाजारी, बीएमसी अस्पतालों की दवाओं पर बारकोड

सरकारी दवाओं की कालाबाजारी, बीएमसी अस्पतालों की दवाओं पर बारकोड

मुंबई (सं.भा.) प्रशासन ने मनपा अस्पतालों एवं दवाखानों में मुफ्त में मिलने वाली दवाओं की कालाबाजारी रोकने को लेकर दवाओं के पैकेट पर बारकोड एवं गोलियों पर एम अथवा एमसीजीएम लिखना अनिवार्य करने का निर्णय लिया है जिसको लेकर मनपा अस्पतालों में दवा आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों में नाराजगी व्याप्त है।  मनपा प्रशासन ने अनुसूची क्रमांक २ के तहत विभिन्न २३० दवाओं के लिए ४० करोड़ रुपए की निविदा आमंत्रित की है,लेकिन ठेकेदारों ने उससे किनारा कर लिया है।  पिछले दिनों कुछ ठेकेदारों ने अतिरिक्त मनपा आयुक्त अश्विनी जोशी से मुलाकात कर उन्हें बार कोड एवं दवाओं पर एम्बॉस करने में आने वाली दिक्क्तों से अवगत कराया है।  ठेकेदारों का कहना है की मनपा प्रशासन का निर्णय गलत है इससे दवाओं की कीमत बढ़ेगी।

चोरी रोकने मनपा का फैसला

मनपा के सभी प्रमुख अस्पतालों उपनगरीय अस्पतालों, विशेष अस्पतालों, प्रसूति गृहों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं दवाखानों में १३ अनुसूचियों के तहत दवा, इंजेक्शन, गोलियां आपूर्ति की जाती है।  मनपा की तरफ से हर साल करोडो रुपये की दवाएं मंगाई जाती है. लेकिन मरीजों का इसका फायदा नहीं मिलता है मरीजों एवं उनके परिजनों को बहार से दवाइयां बाहर से लाने  के लिए कहा जाता है।  इस समस्या के निराकरण को लेकर तत्कालीन अतिरिक्त मनपा आयुक्त आई.ए. कुंदन की अध्यक्षता में बैठक हुई थी जिसमें यह तय हुआ था की मनपा अस्पतालों एवं दवाखानों में आपूर्ति की जाने वाली दवाओं के पैकेट पर बारकोड एवं गोलियों पर मनपा का एम एम्बॉस करना अनिवार्य होगा।

मनपा की तरफ से जारी की गयी निविदा में पहली बार इस तरह की शर्त जोड़ने से ठेकेदारों में नाराजगी व्याप्त है।  एक ठेकेदार ने बताया की मनपा की शर्त व्यावहारिक नहीं है।  ड्रग्स कंट्रोल ऑफ इंडिया ने पहले १ अप्रैल २०१९ से सरकारी एजेंसियों के अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाने वाली दवाओं के पैकेट्स पर बारकोड अनिवार्य किया था अब समय सिमा एक साल आगे १ अप्रैल २०२० कर दी है।  ठेकेदार ने यह भी कहा की दवाओं के पैकेट पर बारकोड लगाने की हमारी तैयारी है लेकिन मनपा अस्पतालों में बारकोड की जांच करने की यंत्रण ही नहीं है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com