फतेहपुर (सं. भा.)। उत्तर प्रदेश में अप्रैल महीने में प्रधान, बी. डी. सी. सहित जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव संपन्न हुआ। फतेहपुर जिला के अभयपुर से वार्ड संख्या १५ से जिला पंचायत सदस्य के तौर पर अपनी किस्मत अजमाने के लिए तेज नारायण निषाद पुत्र दीनदयाल निषाद भी चुनाव लड़े। तेज नारायण का आरोप है कि वह चुनाव जीत चुका था। जिला अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, तथा सहायक रिटर्निंग ऑफिसर ने धांधली कर पिछड़े वर्ग के प्रत्याशी को जानबुझ कर हरा कर अगड़ी जाति के प्रत्याशी को चुनाव जितवाने में साथ दिया है। इस संदर्भ में पूरे पुख्ता प्रमाण के साथ तेज नारायण निषाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिख कर उसे न्याय दिलाने की मांग की है।
गौरतलब है कि फतेहपुर के अभयपुर से वार्ड क्रमांक १५ से तेज नारायण निषाद निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। २६ अप्रैल २०२१ का चुनाव संपन्न हुआ और २ मई २०२१ को सुबह ८ बजे मतगणना प्रारंभ हुई। तेज नारायण ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि ३ मई २०२१ की रात ८ बजे तक कुल ६८ बूथ की मतगणना पूर्ण कर ली गई थी जिसमें वह विजयी हुआ था।
परंतु रात भर में हीं जिला अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी आदी ने मिली भगत कर उसकी जीत को हार में बदल कर विक्रम सिंह नामक प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया। उपरोक्त जानकारी उसे फतेहपुर निर्वाचन कार्यालय से मिली पक्की नकल की प्रमाणित छायाप्रति के मिलान करने पर प्राप्त हुई।आरोप है कि जिला अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी ने साजिशन टेबलेशन चार्ट में बूथ, संख्या २९३ व २९४ को दो-दो बार प्रदर्शित किया है। वहीं बूथ संख्या ९४ व ९५ को टेबलेशन चार्ट में कहीं भी प्रदर्शित नहीं किया है।


