सुलतानपुर (सं. भा.) : बकाया बिल वसूली के लिए अब फील्ड में काम करने वाले बिजली कर्मियों को लक्ष्य दिया जा रहा है। इनके द्वारा बकाएदारों से संपर्क कर बिल जमा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बड़े बकाएदारों के खिलाफ हर दिन करीब 15 से 20 मुकदमे भी बिजली थाने में दर्ज हो रहे हैं।
जिले में कुल तीन लाख छह हजार 79 उपभोक्ताओं पर 741 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें 459 करोड़ रुपये मूलधन व 282 करोड़ रुपये अधिभार यानि ब्याज शामिल है। 50 हजार से अधिक ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनका बिल 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक बकाया है। अधिभार में छूट मिलने के बाद बकाया मूलधन नहीं जमा किया जा रहा है। यही कारण है कि वसूली की अपेक्षाकृत हर माह बकाए का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
किसानों, छोटे घरेलू व वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नवंबर माह में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू किया गया। इसके तहत दो किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के बिजली बकाए का शत प्रतिशत सरचार्ज व दो किलोवाट से ज्यादा के घरेलू व पांच किलोवाट तक के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत की छूट दी गई है।
वहीं, कटे बिजली कनेक्शन वालों को भी ओटीएस का लाभ देने व बकाया राशि छह किस्तों में जमा करने के विकल्प दिए गए। बावजूद इसके करीब तीन माह तक चले अभियान के तहत मात्र 20 करोड़ रुपये की वसूली विभाग कर सका। इसके अलावा मार्च माह में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 40 करोड़ रुपये की वसूली हो सकी।
लाइनमैन व (टीजीटू) इंजीनियरों को दो लाख से तीन लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया है। इनके द्वारा बकाएदारों को प्रेरित कर बिल जमा कराया जाएगा। विभाग के अन्य कर्मचारियों को भी बिल वसूली में सहयोग करने के लिए कहा गया है। इन दिनों कैंप भी ज्यादा लगाए जा रहे हैं।


