- तो शिक्षा बोर्ड भी अड़ा
मुंबई (सं. भा.) शिक्षा बोर्ड ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं को सुचारु और नकल रहित तरीके से संपन्न कराने के लिए केंद्र संचालकों, पर्यवेक्षकों और चपरासियों को बदलने का निर्णय लिया है। इसका शिक्षक और मुख्याध्यापक संगठनों ने विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो वे परीक्षा का बहिष्कार करेंगे। साथ ही कड़ा विरोध प्रदर्शन भी करेंगे। हालांकि, बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि इस बहिष्कार के बावजूद बोर्ड परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षकों से लेकर चपरासियों तक की अदला-बदली पर अड़ा हुआ है। इस बार निश्चित तौर पर पर्यवेक्षण टीम रोटेशन होगा। शिक्षा बोर्ड १०वीं और १ २वीं कक्षा की परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए विभिन्न कदम उठा रहा है। इस वर्ष १० वीं और १ २वीं की परीक्षा के लिए केंद्र संचालकों और पर्यवेक्षकों से लेकर चपरासियों तक सभी के लिए परीक्षा केंद्रों की अदला-बदली करने का निर्णय लिया गया। मराठवाड़ा शिक्षक संगठन और मुख्याध्यापक महासंघ ने स्कूल शिक्षा मंत्री और बोर्ड अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए।


