मुंबई (स भा): बॉलीवुड की दुनिया में चमकने से पहले कई कलाकारों को लंबा और संघर्ष भरा सफर तय करना पड़ता है। किसी ने सिक्योरिटी गार्ड का काम किया तो किसी ने वेटर का। लेकिन एक ऐसे बॉलीवुड एक्टर भी हैं, जिनकी किस्मत एक ऐसी फिल्म ने बदल दी, जो पहले तो बड़े पर्दे पर पिट गई, मगर बाद में उन्हें उसी से पहचान मिली।
घर से भागे, STD बूथ से कॉल सेंटर तक का सफर
हम बात कर रहे हैं एक्टर हर्षवर्धन राणे की, जिन्हें फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ से काफी पॉपुलैरिटी मिली। शायद ही आप जानते हों कि हर्षवर्धन एक्टर बनने के लिए मात्र 16 साल की उम्र में अपने होमटाउन ग्वालियर से भाग गए थे।
हर्षवर्धन ने एक बार खुद खुलासा किया था कि जब वह घर से भागे तो उनके पास केवल 200 रुपये थे और उतने में वह दिल्ली का किराया ही भर पाए थे। दिल्ली आने के बाद उन्होंने अपना पेट पालने के लिए कई छोटे-मोटे काम किए। फ्री प्रेस जर्नल के साथ बातचीत में हर्षवर्धन ने बताया था कि उन्होंने 2 साल तक अजीबोगरीब काम किए। वह STD बूथ में काम कर रोजाना 10 रुपये कमाते थे। उन्होंने साइबर कैफे में भी 20 रुपये के लिए काम किया।
हर्षवर्धन राणे ने यह भी बताया कि वह ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, ऐसे में उनकी इंग्लिश भी काफी कमजोर थी। उनके पास इतनी फीस नहीं थी कि वह क्लासेस ले सकें, इसलिए अपनी इंग्लिश सुधारने के लिए अभिनेता ने कॉल सेंटर में भी काम किया।

साउथ से बॉलीवुड का सफर और ‘किस्मत बदलने वाली’ फिल्म
हर्षवर्धन राणे ने फिल्मों से पहले टीवी शोज में काम किया। उनका पहला शो ‘लेफ्ट राइट लेफ्ट’ 2008 में टेलीकास्ट हुआ था। इसके दो साल बाद उन्हें पहली तेलुगु मूवी ‘थाकिता थाकिता’ मिली। इसके बाद उन्होंने जेनेलिया डिसूजा के साथ दो और फिल्में कीं। उन्होंने नयनतारा के साथ ‘अनामिका’ मूवी में भी काम किया।
करीब पांच साल साउथ सिनेमा में काम करने के बाद हर्षवर्धन राणे को अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ मिली। उनके अपोजिट पाकिस्तानी एक्ट्रेस मावरा हुसैन लीड रोल में थीं। फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को काफी सराहा गया था, लेकिन यह फिल्म 2016 में फ्लॉप साबित हुई थी। हालांकि, 2025 में जब इसे री-रिलीज किया गया तो यह सुपरहिट साबित हुई थी, और इसी फिल्म ने हर्षवर्धन को बॉलीवुड में एक खास पहचान दिलाई।


