- पत्र लिख कर विधायक शेलार ने मनपा प्रशासक को चेताया
मुंबई (सं. भा.) हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुंबई में मानसून से पूर्व होने वाली नालों की सफाई में देरी होने की संभावना से इनकार नही किया जा सकता है। ऐसी आशंका मुंबई भाजपा के अध्यक्ष व विधायक आशीष शेलार ने व्यक्त करते हुए मनपा प्रशासक को पत्र लिख कर चेताया है। इसका कारण यह है कि मनपा ने नालों की सफाई के लिए अभी तक टेंडर जारी नहीं किया है। कोरोना काल में नालों की सफाई में देरी का परिणाम यह हुआ कि मुंबई में जगह जगह पानी भर गया था। नाला सफाई का टेंडर नहीं निकाले जाने पर मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक आशीष शेलार ने मनपा प्रशासक इकबाल सिंग चहल से तुरंत टेंडर निकालने की मांग की है। शेलार ने मनपा प्रशासक को लिखे पत्र में कहा है कि हर साल मानसून से पहले 309 बड़े नाले, 508 छोटे नाले, 5 नदी और सड़कों के समानांतर चलने वाले नालों की सफाई की जरूरत होती है, वर्षों से यह देखा गया है कि यदि इन नालों की सफाई का काम मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक शुरू हो जाए तो सभी नालों की समय पर काम पूरा हो जाता है। नालों की सफाई न होने से मानसून में मुंबई के डूबने का खतरा पैदा हो जाता है, लेकिन इस साल अभी तक नाला सफाई के लिए टेंडर नहीं जारी हुए हैं। यदि समय पर निविदा नहीं निकाले जाने से सफाई का वास्तविक कार्य भी समय पर प्रारंभ नहीं हो पाएगा। पिछले साल टेंडर निकालने में देरी के कारण सफाई का काम प्रभावित हुआ था। हमने हस्तक्षेप कर नियमित रूप से सफाई कार्यों की निगरानी की थी, लेकिन पूरी प्रक्रिया में देरी होने से काम पर असर पड़ा। पिछले वर्षो के अनुभव के बाद भी प्रशासन इस मामले की गंभीरता को नहीं समझ पाया है और इस साल भी टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई है। यह एक गंभीर मामला है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।



