संवाददाता (नीरज सिंह) फतेहपुर जनपद के मलवाँ विकासखंड में शासन द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को ध्यान में रखकर भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अक्टूबर माह से अब तक अकेले मलवाँ ब्लॉक में भ्रष्टाचार रोकथाम अभियान के तहत चार सचिवों का तबादला आनन-फानन में अमौली विकासखंड होने के बाद अब तक की भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के तहत पांच सचिव सहित एडीओ पंचायत के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के बाद से 17 ग्राम पंचायतों के विकास का कार्य अधर में लटक गया है। जिनमें कुछ शासन की प्रमुख योजनाओं में से एक हैं। जिससे आम जनमानस के भी मूलभूत सुविधाएं व आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जैसे पंचायत भवन निर्माण, आंगनवाड़ी निर्माण केंद्र, सामुदायिक शौचालय निर्माण, मनरेगा रोजगार गारंटी भुगतान, हैंडपंप मरम्मत निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना, पूर्व में किए गए कार्यों का समय पर भुगतान ना होनें से जहां एक और विकास कार्य ठप्प पड गए हैं। जिससे आने वाले चुनाव में ग्राम प्रधानों की परेशानियां बढ़ने के साथ शासन की मुख्य योजनाओं को भी झटका लगा है।
ग्राम पंचायतों के प्रधानों नें एक स्वर में अपने अपने ग्राम पंचायत के सचिव की जांच में शासन का सहयोग करने का दावा करते हुए शासन से अंतरिम बहाली की मांग की है।
बिना सचिव सत्रह ग्राम पंचायत
पहुर,अलीपुर, नामामऊ, बनियन खेडा,औंग, गोधरौली, बडाहार,साईं, गोगौली, रेवाड़ी खुर्द, कोटिया, अभयपुर, बहरौली, भाऊपुर, मवइया गुनीर, हरदौली,
सचिवों के निलंबन के बाद अतिरिक्त चार्ज पर नहीं है कोई जिम्मेदार
लगभग 20 दिनों से 17 ग्राम पंचायत बिना सचिव के संचालित हो रहे हैं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई के नजरिया देख रहे उपरोक्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कहना है कि निलंबन के साथ शासन को व जिम्मेदार आलाधिकारियों को विकल्प के तौर पर ग्राम पंचायत को जिम्मेदार आला अधिकारी मिलना चाहिए जिससे विकास कार्य ठप्प पड़ने के बजाए। शासन की योजनाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहे।


