वसई – विरार की 30 लाख आबादी
वसई (सं. भा.) : मुंबई सहित आसपास के जिलों (एमएमआर) में आबादी लगातार बढ़ रही है। इसी एमएमआर में शामिल है वसई – विरार मनपा जहां आबादी लगातार बढ़ते हुए 30 लाख तक पहुंच गई है। इतनी बड़ी आबादी को उनके गंतव्य तक छोड़ने के लिए वसई – विरार मनपा द्वारा सिर्फ 80 बसें ही संचालित की जाती है। इनमें भी कई बसें बंद रहती हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वसई-विरार में अधिकतर लोग बसों में ही सफर करते हैं। ऑटो रिक्शा का अधिक किराया होने से लोगों को बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। मनपा परिवहन की मौजूदा 80 बसों में 15 से 20 बसें बंद पड़ी हैं। बसों की कमी के चलते यहां लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, मजबूरी में उन्हें ऑटो का सहारा लेकर अधिक किराया चुकाना पड़ता है।

वसई-विरार में सबसे अधिक परेशानी नालासोपारा वासियों को होती है। यहां स्लम इलाका अधिक होने की वजह से लोग बसों में ही जाना पसंद करते हैं। मगर एक से दो घंटे तक बस नहीं मिलने से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। पहले यहां 43 मार्गों पर 160 बसें चलती थी, जो अब सिर्फ 80 रह गई हैं। बसों की कमी के चलते कई जगहों के लिए बस सेवा बंद कर दी गई है।
विनय कुमार दुबे ने बताया कि नालासोपारा से हाइवे जाने के लिए बस का किराया 20 रुपये है, जबकि ऑटो वाले 40 रुपये लेते हैं। इसीलिए लोग बसों से ही जाते हैं। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग मुंबई या अन्य उपनगरों में काम पर जाते हैं। सुबह काम पर जाते वक्त या रात को घर लौटते समय उन्हें घंटों इंतजार करने पर भी बस नहीं मिलती है। पूर्व नगरसेवक पंकज पाटील ने मांग की है कि यहां शाम 7 से रात 10 बजे तक 15 से 20 मिनट के अंतराल पर बसे छोड़ी जानी चाहिए, ताकि निम्न आयवर्ग वालों को राहत मिले, जो रोजना ऑटो से नहीं जा सकते।
नागरिकों को हो रही परेशानियों को देखते हुए इस रूट पर जल्दी ही बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। हमनें 20 नई इलेक्ट्रॉनिक बसें मंगवाई है। जो जल्द ही आने वाली है। – विश्वनाथ तलेकर, सहायक आयुक्त वीवीएमसी, परिवहन सेवा


