विस्थापित होने का सता रहा है डर
ठाणे (सं. भा.) : ठाणे स्टेशन से बोरीवली की दूरी लगभग 26 किलोमीटर ही है। ट्रैफिक जाम के कारण इसे तय करने में लोगों को घंटो लग जाते हैं। इसी मुश्किल को असान करने के लिए ठाणे- बोरीवली भूमिगत मार्ग बनाये जाने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्तावित ठाणे बोरीवली भूमिगत मार्ग ने ठाणे मनपा क्षेत्र के कई लोगों की नींद हराम कर दी है। येऊर की पहाड़ी से सटे संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे से गुजरने वाली सुरंग के बनाने का काम एमएमआरडीए की तरफ से किया जाना है। उक्त परियोजना को लेकर कार्रवाई शुरू की गई है।

ठाणे मनपा के शहर विकास विभाग ने येऊर स्थित पहाड़ी पर रहने वालों को नोटिस जारी किया है। नोटिस मिलने से लोगों में खलबली मच गई है। लोगों को आशंका है कि परियोजना की आड़ में उन्हें वहां से हटाने की साजिश हो रही है। मनपा ने सभी से अपनी जगह से संबंधित कागज पत्रों को जमा करने का निर्देश दिया है। एक तरफ शहर के नौपाडा परिसर में प्रस्तावित इंटरनल अंडरग्राउंड मेट्रो के चलते 50 से अधिक इमारतों और चॉल के पुनर्विकास का मार्ग अवरुद्ध हुआ, दूसरी तरफ ठाणे बोरीवली भूमिगत मार्ग के चलते बाधित होने की आशंका के चलते लोगों में डर बन गया है। ऐसे में ठाणे के लोगों में शहर में भूमिगत परियोजना को लेकर नाराजगी है। नागरिकों का आरोप है कि मनपा और राज्य प्रशासन स्थानीय लोगों को बिना सूचित किए परियोजना का प्रस्ताव तैयार करते है, जो कि आम लोगों के साथ अन्याय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनपा शहर विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नोटिस जारी करने और लोगों की सुनवाई शुरू होने की बात की पुष्टि की है। उक्त अधिकारी का कहना है कि भले ही मार्ग भूमिगत है और सुरंग काफी नीचे से गुजरेगी, लेकिन भविष्य में ऊपरी हिस्से में होने वाले निर्माण कार्य के मद्देनजर सावधानी बरती जा रही है।


