- पिछले सप्ताह कानपुर में और आज बांदा में मुस्लिम बेटी बनी तीन तलाक का शिकार।
बांदा (सं. भा.) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा तीन तलाक के खिलाफ लाए गए कानून की धज्जियां उत्तर प्रदेश में लगातार उड़ती हुई दिखाई दे रही है। छोटी छोटी बातों को लेकर मुस्लिम मर्दों द्वारा पत्नियों को तलाक देने के मामलों में कमी तो आई है पर थम नही रही। कानपुर में पिछले सप्ताह शौहर ने अपनी पत्नी को सिर्फ इस लिए तीन तलाक दे दिया क्योंकि उसने अपनी आईब्रो बनावे लिए थे। पुलिस के मुताबिक तीन तलाक का यह मामला लाली गुलसबा नामक महिला के साथ घटित हुई है। बीते साल 17 जनवरी 2022 को लाली की शादी प्रयागराज के फूलपुर निवासी सालिम से हुई थी। इस साल 30 अगस्त को सालिम नौकरी करने सऊदी अरब चला गया। तब ससुराल वाले लाली को दहेज के लिए परेशान करने लगे। ससुराल वालों से परेशान लाली अपने मायके कानपुर चली गई। वहां से वह रोज अपने पति सालिम से वीडियो कॉल पर बात करती थी। पिछले सप्ताह जब वह वीडियो कॉल पर बात कर रही थी तभी सालिम की नजर उसकी भौंह यानी आइब्रो पर पड़ी। बात करते हुए सालिम ने लाली से कहा कि तुमने आइब्रो बनाई है , मैं तुम्हें तलाक देता हूं और उसने तलाक, तलाक, तलाक कह कर मोबाइल बंद कर दिया। तब से लेकर अबतक सालिम ने लाली की लाख कोशिश के बाद भी फोन नही उठा रहा है। सालिम के घर वाले यानी लाली के ससुराल पक्ष के लोग भी उसका छोड़ बेटे का साथ दे रहे हैं। थक हार कर लाली पुलिस थाने पहुंची। पुलिस ने पति सालिम सहित ससुराल पक्ष के 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

बहरहाल अभी यह मामला शांत भी नही हुआ था आज बंदा में भी एक मासूम मुस्लिम महिला तीन तलाक की शिकार बनी है। तीन तलाक देने वाला कोई अनपढ़ नही बल्कि लेखपाल जैसे प्रतिष्ठत पद पर कार्यरत है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसे मार पीट कर ससुराल से निकाल दिया गया और शौहर ने उसे तीन तलाक दे दिया। परेशान महिला ASP लक्ष्मी निवास मिश्र के कार्यालय पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई। ASP मिश्र ने उसे न्याय दिए जाने का भरोसा दिलाया है।


