- सरकारी विद्यालयों में ६ से १८ वर्ष के बच्चों की मुफ्त आंखों की जांच और चश्मा दिया जाएगा
ठाणे (सं. भा.) वर्तमान युग में मोबाइल और टीवी का दुष्परिणाम बच्चों की आंखों पर पड़ रहा है। बच्चों में दृष्टिदोष के मामले बढ़ते नजर आ रहे हैं। इसी वजह से सरकारी आदेशानुसार, सरकारी विद्यालयों में ६ वर्ष से १८ वर्ष के विद्यार्थियों की नि:शुल्क आंखों की जांच करके उन्हें चश्मा दिया जानेवाला है। बच्चे अब तक अपना स्कूली बस्ता लेकर स्कूल चले हम ऐसा कहते नजर आते थे लेकिन अब अपना चश्मा पहनकर स्कूल चले हम कहते नजर आएंगे।
बता दें कि राज्य मंत्रिमंडल ने कम दिखाई देनेवाले छात्रों को नि:शुल्क चश्मा देने के प्रावधान को मंजूरी दे दी है। चश्मे की एक जोड़ी की औसत कीमत २०० रुपए है। साथ ही आनेवाले समय में दृष्टिदोष ग्रसित छात्रों की संख्या बढ़ सकती है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग दृष्टिबाधित बच्चों को उनके घर या स्कूल में आपूर्तिकर्ता से मुफ्त चश्मा वितरित करेगा। वर्तमान में केंद्र सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्कूली छात्रों की साल में एक बार आंख की जांच की जाती है। यह पाया गया कि अधिकांश छात्रों में दृष्टिदोष छात्रों की दर में वृद्धि हुई है। विद्यार्थियों को चश्मा प्रदान करने की योजना पर कुल २५ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। जिला अस्पताल के प्रसन्ना देशमुख ने बताया कि नि:शुल्क चश्मे का लाभ लेने के लिए शिक्षकों को विद्यार्थियों की आंखों की जांच करानी होगी। इसके बाद अभिभावकों से संपर्क कर उनके बच्चे की दृष्टि बाधित होने की जानकारी देनी होगी।

१३ लाख छात्रों के आंखों की होगी जांच
जिले के एक हजार ६३७ विद्यालयों एवं कनिष्ठ महाविद्यालयों के ६ लाख ५६ हजार ९३५ तथा ठाणे जिला परिषद एवं मनपा के विद्यालयों में सात लाख विद्यार्थियों की मुफ्त आंखों की जांच और मुफ्त चश्में वितरित किए जाएंगे। जिले में एक हजार ३२८ स्कूल ठाणे जिला परिषद के हैं। इन स्कूलों में सरकारी आश्रम स्कूल भी शामिल हैं। इसके अलावा, ६ महानगरपालिका नियंत्रित स्कूल योजना में शामिल हैं।


