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आर्थिक तंगी ने बना दिया यमराज, कर्ज में डूबे व्यक्ति ने कलेजे के टुकड़े की हत्या, फिर लगा ली फांसी

मुंबई  (सं. भा.)  कोरोना के चलते कारोबार में आयी मंदी से जब कर्ज लौटना मुश्किल हो गया तो एक व्यक्ति ने आर्थिक तंगी के चलते अपने कलेजे के टुकड़े दो बेटियों को मौत के घाट उतारकर खुद फांसी पर झूल गया।  इस घटना से कांदिवली पश्चिम के गणेश नगर परिसर में सन्नाटा छा गया है। कोरोना महामारी के दौरान बहुत से लोग अपनी नौकरी से हाथ धो बैठे हैं और समय समय पर उनकी खराब स्थिति की खबरें विभिन्न माध्यमों से सामने आती रही है। ऐसे ही प्रभावित लोगों में मालाड पश्चिम स्थित मालवणी इलाके का 45 वर्षीय असगर अली जब्बार भी था, जिसने अपनी दो बेटियों की हत्या करने के बाद खुद को मौत के गले लगा दिया। कांदिवली पश्चिम के ओल्ड लिंक रोड पर स्थित गरुडा पेट्रोल पंप के सामने गांधी नगर के खान चाल में डाई बनाने का कारखाना अजगर चलाया करता था। कोरोना के कारण उनका धंधा काफी मंदा पड़ चुका था और वह कर्जे में बुरी तरह डूब गए थे। लाख कोशिश के बाद भी जब वह कर्ज से नही उबर पाए तो आखिर में उन्होंने गुरुवार की दोपहर को डेढ़ बजे के करीब वह अपनी दो छोटी बेटियों 12 वर्षीय कैनन और 8 वर्षीय सुजैन को घर से घुमाने के बहाने अपने कारखाने लेकर आया था।

हत्या और आत्महत्या का मामला दर्ज 

मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहले जब्बार ने दोनों बेटियों को वहीं एक होटल में उनका पसंदीदा खाना आर्डर कर खिलाया। उसके बाद दोनो को कारखाने में ले गया। वहां उसने एक बच्ची के मुँह पर टेप चिपका कर कुर्सी से बांध दिया जबकि दूसरी बच्ची के मुँह पर टेप लगाकर जमीन पर लिटा दिया। फिर खुद वही फांसी के फंदे पर झूल गया। इस दिल दहला देने वाली कृत्य को करने से पहले अजगर ने एक सुसाइड नोट लिखा जिसमें उसने खुद पर काफी कर्जा होने का उल्लेख किया और उसे न चुका पाने की स्थिति में ऐसा कदम उठाने की बात लिखी। कांदिवली पुलिस ने हत्या और आत्महत्या का मामला दर्ज किया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार 

पुलिस उपायुक्त विशाल ठाकुर ने सिर्फ इतना कहा कि मामले की जाँच कांदीवली पुलिस कर रही है। तीनों शवों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उस दिशा में जांच किया जाएगा। इसके अलावा, दोनो बच्चों की मौत का कारण का पता पोस्टमार्टम आने के बाद ही चलेगा। ग़ौरतलब है कि असगर की कुल चार बेटियां थी। सबसे बड़ी बेटी 22 वर्षीय नुरेन पवई में नौकरी करती है। उससे छोटी 19 वर्षीय मुस्कान कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। पत्नी हाउस वाइफ है। पिता और दोनो छोटी बेटियों की मौत से पुरा परिवार सदमे में है। बड़ी बेटी नुरेन का कहना है कि उसके पिता कर्ज में डूबे हुए थे इसका किसी को घर में इल्म नही था न ही उन्होने कभी घर में किसी को बताया ही था। उसने यह भी बताया कि उसके पिता ने कुछ समय पहले ही एक घर बेच दिया था। उन्होने घर क्यों बेंचा, इसको लेकर उन्होने हमें कुछ नही बताया था। न हमने इसके बारे में पुछा था।

मौत से पहले खुश थीं दोनों बेटियां 

घटनास्थल के पास ही अंडे बेचने वाला सैफुद्दीन ने बताया कि असगर अपनी बेटियों के साथ जब कारखाने पर पहुंचे थे तब दोनों बहुत खुश दिख रही थी। हमें क्या पता था कि वह दोनों बेटियों की हत्या कर खुद आत्महत्या करने जैसा कदम उठा लेंगे। गांधी नगर में ही रहने वाली असगर की भांजी आशिया ने बताया कि 4 बजे के करीब उसकी मामी ने फोन किया था। उन्होंने बोला कि असगर दोनो छोटी बेटियों को लेकर कारखाने गए हैं उनका फोन नहीं लग रहा, जरा वहां जा कर पता करो।

आशिया जब कारखाने आई तब शटर अंदर से बंद किया हुआ था। उसने असगर और बच्चियों के नाम लेकर शटर खोलने के लिए काफी देर तक चिल्लाती रही पर अंदर से कोई जवाब नहीं दे रहा था। उसके चिल्लाने के कारण कई अन्य लोग भी वहां जमा हो गए थे। उन्हीं में से किसी ने पुलिस को सूचना दे कर घटनास्थल पर बुलाया था। पुलिस द्वारा शटर तोड़े जाने के बाद वहां का दृश्य देख लोग हैरान परेशान रह गए। लोगों ने देखा कि असगर खुद फांसी पर लटका था। एक बेटी फर्श पर नीचे गिरी पड़ी थी तो सबसे छोटी बेटी एक कुर्सी पर मृत पड़ी थी। दोनों बेटियों के मुँह पर टेप चिपका था।

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