मुंबई (सं. भा.)। मुंबई हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा है कि माता-पिता में तलाक होने के बावजूद १८ वर्ष की अविवाहित बेटी अपने पिता से खर्च मांग सकती है। इतना ही नहीं तलाकशुदा महला अपनी अविवाहित पुत्री के लिए अपने से अलग हुए पति से देखभाल का खर्च भाr मांग सकती है।
हाईकोर्ट का यह फैसला तलाकशुदा महिलाओंऔर उनकी बेटी के लिए काफी अहम है जस्टिस भारती डांगरे ने यह निर्णय दिया है। अपने तलाकशुदा पति से १९ वर्ष की बेटी के देखभाल का खर्च दिलाने के लिए मुंबई की एक महिला ने पारिवारिक न्यायालय में अपील की थी। वहां से अपील खारिज होने के बाद महिला ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया संबंधित दंपत्ति का वर्ष १९८८ में विवाह हुआ था। इसके बाद वर्ष १९९७ में दोनों में तलाक हो गया। ९ साल के जीवन में उनके तीन बच्चे हुए। तलाक के बाद तीनों बच्चों की कस्टडी मां को कोर्ट ने दी।


