मुंबई (सं. भा.)। ‘जैसी करनी वैसी भरनी’ यह कहावत अब कांदिवली पश्चिम गणेश नगर के के. डी. कंपाउंड, मुस्तफा कंपाउंड, गुलशन नगर सहित इस पूरे क्षेत्र में एस आर ए विकासक (बिल्डर)और नेताओंके साथ चरितार्थ होना शुरु हो गया है। एस आर ए विकासक बिल्डर सिद्धिविनायक रियलहोम्स प्रायवेट ली. श्री सिद्धिविनायक इंफ़्रास्ट्रक्चर ऐंड रियलिटी, स्कोडा कंन्स्ट्रक्शन्स, रुपारेल इंफ़्रा ऐंड रियल्टी प्रायवेट ली., रेणुका रिअल्टर्स, सर्वेश बिल्डर्स (इंडिया) प्रायवेट ली., सहित कुल ११ कंपनियों के कारनामें सामने आने के बाद यहां के झोपड़ा धारको में दहशत का माहौल है। सैकड़ों करोड़ रुपए में अपने झोपड़ों की जमीन गिरवी रख दिए जाने का खुलासा होने से यहां के रहिवासियों में दहशत का माहौल है। इस पूरे प्रकरण को लेकर जब जनता उन नेताओं से जवाब मांगने जा रही है जो कल तक उनके रहनुमा बने फिरते थे , वे अब मुंह छीपाते घुम रहे है।दूसरी ओर ‘संगठन भारत’ अखबार में इस संबंध में लगातार छप रही खबरें और किए जा रहे खुलासे से बिल्डर और नेताओं में दहशत मची है।
बता दें कि के. डी. कंपाउंड, मुस्तफा कंपाउंड, गुलशन नगर सहित इस पूरे परिसर के झोपड़ा धारकों पर इन बिल्डरों द्वारा राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की मिली भगत कर जबरन एसआरए स्किम थोपा जा रहा है। यहां एस.आर. ए. स्किम शुरु करने के लिए कई बिल्डर आए। नेताओं की जो बिल्डर ज्यादा जेब भरता गया उसे यह लोग आगे करते गए।
वर्तमान में मोदी स्पेस और सिद्धिविनायक इंफ़्रा और उसकी सहयोगी कंपनियां इन दिनों यहां नेताओं को आर्थिक मदद कर सोसायटियों पर हावी हो गए हैं। सिद्धिविनायक इंफ़्रा बिल्डर तो इतना हावी हो गया है कि बिना सर्वे करवाए ही पांच हजार झोपड़ों का एलओआई एसआरए अधिकारियों की मिली भगत से लाने में कामयाब हो गया। इतना ही नहीं उसने इनके झोपड़ों की जमीनों को भी गिरवी रख दिया और सैंकड़ों करोड़ रुपए बिना एक ईंट यही लगाए ले लिया।


