मुंबई (सं. भा.)। बीस हजार वर्ग मीटर से अधिक बड़े भूखंड में फैली हाऊसिंग सोसायटियों एवं अन्य संस्थान जहां से हर रोज १०० किग्रा से अधिक कचरा उत्पन्न होता है। उन हाऊसिंग सोसायटियों, संस्थान होटल आदि को कचरे का वर्गीकरण करने एवं उसी परिसर में कचरे की प्रक्रिया अनिवार्य किया गया है। तय समय सीमा के अंदर योजना का क्रियांन्वयन नहीं करने वाली सोसायटियों एवं आस्थापना के खिलाफ मनपा ने कार्रवाई शुरु की है।
३१७ को नोटिस
मनपा ने १३ हाऊसिंग सोसायटियों एवं आस्थापनाओं के खिलाफ पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करवाया है, जबकि ५० के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरु की गयी है। बार-बार नोटिस देने के बावजूद कचरा व्यवस्थापन में सहयोग नहीं करने वाली सोसायटी एवं आस्थापनाओंके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश मनपा आयुक्त अजोय मेहता ने दिया है।
कचरे का वर्गीकरण एवं प्रक्रिया का मामला
मनपा आयुक्त अजोय मेहता शनिवार को मनपा मुख्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की बैठक में अतिरिक्त आयुक्त (पश्चिम उपनगर) आय. ए. कुंदन, अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) विजय सिंघल, अतिरिक्त आयुक्त (शहर) आबासाहेब ज-हाड, उपायुक्त रमेश पवार सहित अभी उपायुक्त, सहायक आयुक्त व विभाग प्रमुख मौजुद थे। घनकचरा विभाग की तरफ से कम्प्यूटर के जरिए सोसायटियों में कचरा प्रक्रिया का प्रजेंटेशन किया गया। मनपा क्षेत्र की ३ हजार २८३ हाऊसिंग सोसायटियों एवं अस्थापनाओंको मनपा अधिनियम की धारा २६८ के तहत नोटिस दी गयी थी । जिसमें से १ जार २६८ ने समय सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। ८१८ सोसायटियों अपेक्षित कार्यवाही पूरी की है।


