मुंबई (सं. भा.)। मुंबई -पुणे में बढ़ती जनसंख्या, प्रदुषण, और बच्चों मे जंकफूड खाने की आदत उनके स्वस्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रही है। हेल्थ मैनेजमेंट इंफामेंशन सिस्टम (एचएमआईएस) से मिली जानकारी के अनुसार पिछले ५ वर्ष में लगभग ३ लाख बच्चों (५ वर्ष से कम उम्रवाले) के गले की बीमारी (संक्रमण) से ग्रसित होने का खुलासा हुआ है, इनमें से ४३ प्रतिशत बच्चे मुंबई, पुणे और चंद्रपुर के है।
बता दें कि पिछले ५ वर्ष में गले के संक्रमण से प्रभावित होनेवाले सबसे अधिक ६० हजार ७१८ बच्चे पुणे, ४५ हजार २०२ बच्चे मुंबई और २१ हजार २३३ बच्चे चंद्रपुर के है। मनपा शिवड़ी टीबी अस्पताल के वरिष्ठ डा. ललित आनंदे ने बताया कि मुंबई में प्रदुषण का स्तर बढ़ने के साथ ही बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जा रही है। शरीर में एंटी आक्सीडेंट की कमी सबसे बड़ा उक्त इंफेक्शन का कारण है। विटामिन सी वाले फलों का बच्चों को सेवन करवाना चाहिए। जिन अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डा. अरविंद काते ने कहा कि पुणे में एक अध्ययन किया गया था जिसमें सड़क के किनारे रहनेवाले बच्चों में उक्त इंफेक्शन होने का खतरा सबसे अधिक पाया गया। बच्चों को जितना फल खिलाया जाएगा, वे उतने ही स्वस्थ रहेंगे और अभिभावकों को बच्चों को जंक फूड नहीं देना चाहिए। केईएम अस्पताल के बाल रोग विभाग प्रमुख डा. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बच्चों में इस प्रकार की दिक्कतों का जहां पहला कारण प्रदुषण है, वहीं दूसरा बढ़ती जनसंख्या जिसके चलते इंफेक्शन एक से दूसरे में बड़ी आसानी से फैल रहा है।


