मुस्कुराता आपका चेहरा नजर आने लगा।
ऐ मेरे हमदम मसीहा दिल ये मुस्काने लगा।।
दूर रहकर भी हमेशा तुम मेरे नजदीक हो।
प्यार का जादू तुम्हारा मुझपे अब छाने लगा।।
जिंदगी तेरे बदौलत हर घडी़ खुशहाल है।
ग़म कोई ना छू सकेगा वक्त समझाने लगा।।
इस मोहब्बत के सफर में आज मैं आबाद हूँ।
ऐ सनम गुलशन हमारा तूँ जो महकाने लगा।।
लौटकर आओगे रसिया ये हमें एहसास है।
सोचकर,प्यारा तराना,मन मेरा गाने लगा।।
गीतकार: रसियाकुमार
मो* 9892850937


