कानपुर देहात (सं. भा.) : शनिवार रात हुई बारिश व तेज हवा से कई क्षेत्रों में गेहूं व सरसों की फसल गिर गई। इससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई है क्योंकि इसका असर उत्पादन पर पड़ेगा। वहीं गिरे गेहूं के दाने हल्के होने की संभावना भी है।
शिवली में शनिवार की रात 10 बजे तेज हवा के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश करीब एक घंटे तक होती रही। इससे खेतों में खड़ी सरसों व गेहूं की फसल गिर गई। क्षेत्र के किसान अरविद त्रिवेदी, राधाकृष्ण त्रिवेदी, वीरेंद्र तिवारी, श्रीकांत त्रिवेदी का कहना है कि तेज बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर जाने के कारण पैदावार में काफी कमी आ जाएगी। सरसों की फसल तो पककर कटने के कगार पर है। अब धूप निकलने पर उसकी फलियां चिटक कर खेतों में झरने की समस्या आ गई है। वहीं मूसानगर में मौजूदा समय में खेतों में सरसों की कटाई और मड़ाई का काम जोरों पर चल रहा है। बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान रोहन, कमलेश कुमार, बलबीर सिंह, दशरथ, मानसिंह आदि का कहना है कि विगत तीन माह से बारिश बीच-बीच में होकर किसानों के ऊपर कहर बनकर टूट रही है।
बीमित किसान कर सकते संपर्क
जिन किसानों ने बीमा करा रखा है वह कृषि विभाग या फिर बीमा कंपनी में तीन दिन के अंदर शिकायत कर सकते हैं। उपनिदेशक कृषि विनोद यादव के मुताबिक नुकसान का आकलन कम है। गेहूं की फसल गिरने से उनमे दाने हल्के हो सकते हैं। वहीं जिन्होंने सरसों की फसल बहुत ही देरी से बोई हो, उन्हें नुकसान होगा। जिन्होंने फसल समय से बोई है तो बारिश इतनी नुकसानदायक नहीं होगी।


