मुंबई (सं. भा.)। पैसे की तंगी के चलते वढ़ रहे किसानों की आत्महत्या के मामलों से निपटने का चैरिटी कमिश्नर ने नया तरीका निकाला है। इसके तहत कमिश्नर से राज्य के सभी धार्मिक संस्थानों को किसानों के बच्चों की शादी का खर्च उठाने का आदेश दिया है। वर्ष २०१७ में पैसे की तंगी की वजह से ३५०० किसानों ने आत्महत्या की हैं इसमें से कई किसान ऐसे भी है जिन्होंने लड़कियों की शादी के लिए पैसा नहीं जुटा पाने की वजह से आत्महत्या का मार्ग अपनाया हैं।
चैरिटी कमिश्नर का फरमान
इसलिए चैरिटी कमिश्नर के चढ़ावें के पैसे से किसानों की लड़कियों की शादी करवाने का फरमान निकाला है। मुंबई समेत राज्य में हजारों की संख्या में धार्मिक संस्थान हैं जहां हर सा; लाखों, करोड़ों का चढ़ावा चढ़ता है। इसके साथ ही इन संस्थानों ने बैंकों में करोड़ों रुपए की एफडी करवा रखी है। भक्तों के चढ़ावे से धार्मिक संस्थानों की कमाई में हर साल बढ़ोत्तरी हो रही है। भक्तों के इस पैसों से विदर्भ, मराठवाड़ा समेत राज्य की किसानों की सहायता करने का फैसला चैरिटी कमिश्नर ने लिया है। प्रत्येक संस्थान को एक निश्चत राशि गरीबों के बच्चों की शादी के लिए खर्च करना अनिवार्य हो गया है।


