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Homeउत्तर प्रदेशनिरंकुश हो गए केंद्र प्रभारी, छला जा रहा किसान

निरंकुश हो गए केंद्र प्रभारी, छला जा रहा किसान

फतेहपुर (सं. भा.) : उपज का सही मूल्य दिलाने के सरकार के प्रयास किसानों के लिए छलावा बने हैं। गेहूं खरीद में इस बार बिचौलियों का पूरी तरह से कब्जा है। केंद्र प्रभारी इतना निरंकुश हो गए है कि अधिकारियों व शासन के निर्देश भी उनके लिए कोई मायने नहीं रखते। पिछले दिनों असोथर में संचालित मिला सामनांतर केंद्र तो एक बानगी है, अन्य केंद्रों में इसी तरह का खेल होता है। शहर की मंडी समिति में विपणन शाखा के केंद्र में एक मिल मालिक का कब्जा इस कदर है कि किसान को उसी के हाथ सस्ते दर में गेहूं बेचना पड़ रहा है।
सहकारी समिति के सचिव हो या फिर अन्य एजेंसियों के केंद्र प्रभारी सीधे किसानों का गेहूं खरीदना बंद ही कर दिया है। बहुआ रोड स्थित मंडी समिति में बीस से अधिक किसानों का गेहूं पंद्रह दिन से पड़ा हुआ है। पखरौली के किसान रामनरेश ने बताया कि यहां एक मिल मालिक है जो पंद्रह सौ रुपया प्रति क्विंटल की खरीद करता है, कांटा में उसी के गेहूं की तौल होती है। किसान को पंद्रह सौ मिलता है और वह गेहूं 1975 में सरकारी केंद्र में बेंचा जाता है। यही हाल बिदकी, हुसेनगंज, अमौली, गाजीपुर, असोथर आदि केंद्रों में हो रहा है। क्रय केंद्रों में इस बार प्रशासन भी शिकंजा नहीं कस पा रहा है। असोथर व फतेहपुर केंद्र की हो जांच

प्रवुद्ध मंच के संयोजक संतोष द्विवेदी ने कहा कि किसानों के नाम पर व्यापारी मालामाल हो रहे है। असोथर व फतेहपुर की मंडी के कांटा में जो खरीद हुई है उसमें अस्सी फीसद हिस्सेदारी बिचौलियों की है। कहा कि उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाए। किसानों का गेहूं तौलने में केंद्र में नमी , मिट्टी आदि बताकर लौटा देते है, वहीं गेहूं बिचौलिये के माध्यम से पहुंचता है तो खरीद कर ली जाती है। पंजीकरण व टोकन मिलने के बाद यदि किसी केंद्र में गेहूं की तौल केंद्र प्रभारी नहीं कर रहे है तो शिकायत की जाए। किसानों की शिकायत पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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