सुलतानपुर (सं. भा.) : ग्रामीणों को घर बैठे ही सुविधाएं मिलें। शादी-विवाह व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के लिए गांव से बाहर न जाना पड़े। इसके लिए पारा में ही लाखों की लागत से अंबेडकर सामुदायिक केंद्र का निर्माण कराया गया। लेकिन आज दिन परिसर के अगल-बगल जंगल सा नजारा दिखता है। स्थिति यह है कि लोग यहां आना तक पसंद नहीं करते हैं।
बसपा के शासनकाल में ग्रामीण जनता की मांग पर लाखों की लागत से पारा बाजार में अंबेडकर सामुदायिक मिलन केंद्र का निर्माण कराया गया। मंशा थी कि इससे गांव वासियों को कहीं अन्यत्र जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें गांव में सभी कार्यक्रम निपटाने के लिए जगह मिलेगी। निर्माण के बाद तो कुछ दिन तक यह सब ठीकठाक चला लेकिन आज दिन स्थिति यह है कि देखरेख के अभाव में भवन तो जर्जर हो ही गया है साथ ही साथ अगल-बगल जंगल सा नजारा दिखता है। जिसमें जंगली जानवरों ने अपना आशियाना बना लिया है। क्षेत्र के रामकुमार, मनीष ¨सह, सुनील, सतीश आदि ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इसका जीर्णोद्धार कराए जाने की मांग की है।


