मुंबई (सं. भा.)। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार हॉकर्स समिति स्थापित हो गई है। प्रत्येक स्थानीय स्वराज्य संस्थाओंको समिति स्थापित करने का निर्देश दिया गया है और फेरीवाला और ना फेरीवाला क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं, मुंबई महानगरपालिका की सीमा में नेहरुनगर रोड, सांताक्रुज में अतिक्रमण निर्मूलन दस्ता और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पब्लिक प्रापर्टी का निकसान तथा फल, सब्जी और जीबनावश्यक वस्तुओंको गलत तरीके से बेचते हुए फेरीवाले पाए गए हैं। इस मामले में फेरीवालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा में इस बात की जानकारी गृह राज्यमंत्री रणजीत पाटिल ने दी, पाटिल ने कहा कि राज्य की महानगर पालिकाओंको अवैध तरीके से खाद्य पदार्थो की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पंजीयन में बढ़े फेरीवालों की भी होगी जांच
मुंबई में अनधिकृत फेरीवालों और अवैध रुप से वस्तुओंकी बिक्री का मामला विधानसभा में नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत उठाया। जवाब में पाटिल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन के अनुसार हॉकर्स समिति बनाई गई है।
इस समिति में संबंधित मानगरपालिका के आयुक्त या नगर परिषद, नगर पंचायत के मुखयाधिकारी अध्यक्ष, पांच पदसिद्ध सदस्य हॉकर्स के बीच से चुने गए आठ प्रतिनिधि और छह नाम निर्देशित सदस्य है। चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा विधायक आशीष शेलार ने कहा कि हॉकर्स नीति पर अमल करते हुए महानगरपालिका ने फेरीवालों का रजिस्ट्रेशन किया था।
इस रजिस्ट्रेशन के पहले मनपा ने प्रत्येक प्रशासकीय वार्ड में ‘नो योर वार्ड’ नाम की पुस्तिका निकाली थी, जिसमें अधिकृत फेरीवालों की संख्या बताई गई थी। इसकी अपेक्षा फेरिवालों का अधिक पंजीकरण हुआ है। ऐसे में बढ़ी संख्या की जांच कराई जाए। इसको मंजूर करते हुए डॉ. रणनीत पाटिल ने जांच कराने का आश्वासन दिया।


