मुंबई (सं. भा.)। स्कूली शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि एडमिशन से इंकार करनेवाले स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने मुंबई सहित राज्य में निजी बिना अनुदानित स्कूलों में आरटीई के तहत कमजोर वर्ग के छात्रों के प्रवेश का मामला उठाया था। जवाब नें तावड़े ने कहा कि नशिुल्क और अनिवार्य शिक्षा (आरटीई) के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों के शिक्षा शुल्क के रुप में १५४.२० करोड़ रुपए उपलब्ध किराए गए है, शेष १४८ करोड़ रुपए की रकम का प्रावधान बजट में किया गया है। आरटीई के तहत वर्ष २०१२-१३ से स्कूलों में २५ प्रतिशत जगह कमजोर वर्ग के छात्रों को देने का प्रावधान किया गया है वर्ष २०१७-१८ में इसके तहत २ लाख, २८ हजार, ३३७ छात्रों को प्रवेश दिया गया। मुंबई में ३३४ स्कूलों की ८५९३ जगह में से ३१८१ छात्रों को प्रवेश दिया गया।
नहीं दिया एडमिशन तो मान्यता होगी रद्द आरटीआई के तहत प्रवेश का मुद्दा
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