कब चलबा देवघर नगरिया हो,
आज बोला सँवरिया।।
पूर होई मनवां क सारा सपनवां।
जब होई बाबा क हमकें दर्शनवां।।
हमरा पर फेरिहैं नजरिया हो*****
आज बोला सँवरिया।।
कब चलबा देवघर नगरिया हो***
बारह महीना में सावन बा पावन।
भोले क धमवां लगेला सुहावन।।
बोल बम होला जयकरिया हो*****
आज बोला सँवरिया।।
कब चलबा देवघर नगरिया हो***
कउनों सुनब नाहीं अबकी बहनवां।
भोरवैं चला साथे हमरे सजनवां।।
कन्हवा पर धईके काँवरिया हो*****
आज बोला सँवरिया।।
कब चलबा देवघर नगरिया हो***
गीतकार: रसियाकुमार


