फतेहपुर (सं. भा.) : दिमागी उलझन व घरेलू कलह के चलते अलग-अलग थानान्तर्गत रिटायर्ड एडीओ (सहायक विकास अधिकारी) ने बबूल के पेड़ में गमछे से फांसी लगाकर खुदकशी कर ली, जबकि विवाहिता ने बाएं हाथ में स्वेच्छा से खुदकशी लिखकर साड़ी से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना देखकर परिजनों के होश उड़ गए, नाते रिश्तेदार ढांढस बंधाते रहें।
असोथर कस्बा निवासी 70 वर्षीय शिवप्रकाश अवस्थी सहायक विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बताते हैं कि दस वर्ष पूर्व उनकी धर्मपत्नी का निधन हो गया था, तबसे वह बड़े बेटे पप्पू व बहू-नाती के साथ घर पर रहते थे। पत्नी वियोग में वह गुमसुम सा रहते थे और बड़े बेटे के स्वभाव से नाराज रहते थे। जिससे क्षुब्ध होकर वह रविवार को प्रात : मार्निंग वॉक करने के लिए घर से निकले और जंगल की तरफ स्थित बबूल के पेड़ में गमछे से फांसी लगाकर खुदकशी कर ली। ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना परिजनों को हुई तो कोहराम मचा रहा। हुसेनगंज थाने के मूंधनपुर गांव निवासिनी 25 वर्षीय विमलेश यादव पत्नी भोला ने बीती रात कमरे में जाकर साड़ी से फांसी लगाकर खुदकशी कर ली। गमजदा पति भोला यादव ने बताया कि अभी छह माह पूर्व बच्ची ने जन्म लिया है। घर में किसी बात की कोई दिक्कत नहीं थी। गत 27 अक्टूबर को घर में अखंड रामायण का पाठ खत्म हुआ है, जिसमें उसके साले-सरहज भी आए थे। घटना की सूचना पाकर थरियांव थाने मुसरीपर निवासी तेज सिंह यादव ने थाने में जाकर घटना की तहरीर दी। गमजदा भाई तेजसिंह ने बताया कि बहन विमलेश कुमारी की शादी फरवरी 2015 को भोला के साथ की थी। एसओ उदयवीर सिंह का कहना था कि मृतका ने जान देने के पूर्व अपने बाएं हाथ में पेन से लिखा है कि वह अपने मर्जी से जान दे रही है, जिसमें उसके ससुराल वालों को कतई परेशान न किया जाए। कहा कि फिर भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
पत्नी व बेटे की मौत से आहत थे
फतेहपुर : असोथर कस्बा निवासी रिटायर्ड एडीओ शिवप्रकाश अवस्थी की दस वर्ष पूर्व पत्नी की मौत हो गई थी और उसके बाद अभी तीन वर्ष पूर्व छोटे बेटे शिवम उर्फ बबलू ने खुदकशी कर ली थी। घर में उनका बड़ा बेटा ही था जिसका स्वभाव नहीं ठीक था, जिससे वह अपनी पत्नी व छोटे बेटे के वियोग में गुमसुम रहकर परेशान रहते थे। हालांकि परिजनों ने ऐसी कोई परेशानी से साफ इन्कार कर दिया।


