बांदा (सं.भा.)। एनआरएलएम समूहों के व्यवसाय को और अधिक क्रियाशील बनाए जाने की तैयारी शुरू की गई है। उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर क्रियाकलापों के सत्यापन के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं के समूह गठित कर उन्हें रोजगार के जरिए स्वावलंबन के लिए कार्य किया जा रहा है। अब तक जिले में लगभग तीन हजार से अधिक समूह गठित हो चुके हैं। समूह के सदस्यों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि रोजगार के कार्यों को बेहतर ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। हाल ही में उपायुक्त (स्वत: रोजगार) शिव प्रसाद वर्मा ने खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी किया है। जिसमें कहा है कि अपने-अपने ब्लाकों में एनआरएलएम के समूहों एवं उनके क्रियाकलापों का सत्यापन एवं निरीक्षण किया जाए। ताकि उनकी समस्याओं का निराकरण समय से हो तथा स्थापित समूहों के व्यवसाय को और अधिक क्रियाशील बनाया जा सके। उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारियों से की गई कार्रवाई की आख्या भी मांगी है और कहा कि इसे अभियान के तौर पर लिया जाए। इनसेट
अभियान के रूप में होगी आजीविका प्रोजेक्ट की स्थापना
बांदा : उपायुक्त स्वत: रोजगार ने बताया कि रिवा¨ल्वग फंड सीआईएफ एवं सीसीएल की धनराशि से एक्टीविटी/ आजीविका प्रोजेक्ट की स्थापना एक अभियान के रूप में कीजानी है और इसे लेकर ब्लाकों में कुछ कार्य संपादित भी हो चुके हैं। उपायुक्त ने कहा कि इससे महिला सशक्तीकरण के साथ गरीबी उन्मूलन के कार्य भी संपादित होंगे।
समूहों के क्रियाकलापों का सत्यापन करेंगे बीडीओ
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