मुंबई (सं. भा.) : नौकानयन के क्षेत्र में राज्य के युवाओं को समुचित प्रशिक्षण और कौशल में वृद्धि प्रदान करने के लिए राज्य के बंदरगाह विकास मंत्री असलम शेख की उपस्थिति में, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और चेन्नई में भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता हुआ। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अमित सैनी और भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के निदेशक कमांडर राजीव बंसल ने हस्ताक्षर किए। समझौते में राज्य में अंतर्देशीय जहाजों पर तैनात लगभग 7,000 युवाओं को नौकानयन में कौशल और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर परिवहन और बंदरगाह विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह, बोर्ड के मुख्य बंदरगाह अधिकारी कैप्टन संजय शर्मा, श्री बधिया आदि उपस्थित थे।
महाराष्ट् मैरीटाइम बोर्ड राज्य में शिपिंग क्षेत्र को बढ़ाने के लिए कई पहल कर रहा है। इसके हिस्से के रूप में, बोर्ड ने देश के पहले समुद्री विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड, समुद्री विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाला पहला संस्थान है। समझौते के अनुसार, भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय राज्य के शिपिंग क्षेत्र में लोगों को तकनीकी और अन्य प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के साथ सहयोग करेगा। विश्वविद्यालय राज्य के तटीय क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियों को बढ़ावा देने और उन्हें सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक अनुसंधान, पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण की योजना में भी सहयोग करेगा।
इस अवसर पर बंदरगाह विकास के कैबिनेट मंत्री असलम शेख ने कहा कि देश में पहली बार भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के लिए गर्व की बात है। समझौता नेविगेशन के क्षेत्र में कुशल और प्रशिक्षित जनशक्ति प्रदान करेगा। इससे राज्य में समुद्री गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और इससे छह से सात हजार युवाओं को फायदा होगा। साथ ही, विश्वविद्यालय के अनुसंधान और ज्ञान का उपयोग राज्य में समुद्री क्षेत्र के विकास के लिए किया जाएगा।


