मुंबई (सं. भा.) लाडली बहन योजना से खाली हुई सरकारी तिजोरी के चलते विकास कार्य ठप होते जा रहे हैं। इस आर्थिक संकट का सबसे बड़ा असर उन करीब 3 लाख ठेकेदारों पर पड़ा है, जिनके बकाया 90 हजार करोड़ रुपये अब तक नहीं मिले हैं। ठेकेदारों ने सरकार को 10 मार्च तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो वे राज्य भर के जिला कलेक्टर कार्यालयों पर मोर्चा निकालेंगे।

ठेकेदारों का कहना है कि वे 8 महीनों से अपने बकाए की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। इससे आहत होकर उन्होंने 5 फरवरी से काम बंद आंदोलन शुरू किया था, लेकिन 23 दिन बीतने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
शुक्रवार को महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ के अध्यक्ष मिलिंद भोसले, बिल्डर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सोनावणे और राज्य मजदूर महासंघ के अध्यक्ष संजीव कुसालकर सहित विभिन्न संगठनों की बैठक हुई, जिसमें 10 मार्च को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। ठेकेदारों ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार जल्द बकाया भुगतान नहीं करती, तो आंदोलन और तेज होगा।


