मुंबई (सं. भा.)। कोरोना काल के बाद जैसे ही लॉकडाउन मे छूट देने की प्रक्रिया शुरु हुई मसाज सेंटरों और स्पा वालों ने अपना कारोबार फिर से फैलाना शुरु कर दिया है। हर जगह शोसल डिस्टेसिंग, मास्क और सेनिटाइजेशन का फार्मुला कड़ाई से लागू करवाने वाली मनपा और पुलिस प्रशासन इनकी तरफ से आखे बंद किए बैठे हैं। एक तरफ तो सरकार के मुख्य मंत्री उद्धव ठाकरे चिंता व्यक्त करते है कि ठंडी के साथ कोरोना की दुसरी लहर की संभावना नजर आ रही है। इसलिए प्रशासन को बिना मास्क घुमने वालों पर जुर्माना लगाने की छुट दी गई है। लेकिन मसाज सेंटर स्पा, पार्लर मे यह कानून न तो लागू होता है और न ही पालन कीया जाता है।

इन दिनों गोरेगांव से लेकर बोरिवली तक मसाज सेंटरों की बाढ़ आ गई है। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक मसाज के नाम पर स्पा चलाने वालों ने धंधे का नया तरीका खोज लिया है। इन पार्लरों और मसाज सेंटरों मे देशी विदेशी लड़कियां उपलब्ध कराकर देह व्यवसाय कराया जाता है। हालांकि पुलिस की समाज सेवा शाखा कभी-कभी मुंबई के अन्य इलाकों मे छापेमारी करती है। लेकिन आरोप है कि गोरेगांव पश्चिम के लिंक रोड, शात्री नगर की गेलेक्सी हाईट्स के बी-२० मे हेवेन्स स्पा जैसे अनेक स्पा और थाई स्पा पुलिस की मिलीभगत से धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। जिसमे बीट ऑफिसर की साठगांठ रहती है। इसी तरह से मालाड के लिंक रोड मे मायो थाई स्पा, कांदिवली पश्चिम के एम.जी. रोड, काला हनुमान मंदिर के सामने मंत्रा स्पा, बोरिवली पश्चिम के न्यू लिंक रोड स्थित बाबा साहेब आंबेडकर नगर मे हेडो वेलनेस स्पा कानून की धज्जियां उड़ाते हुए चलाया जा रहा है। पुलिस और मनपा राह चलते गरीब लोगों पर मास्क नही बांधने पर जबरन जुर्माना तो वसूलती है। लेकिन मसाज सेंटरों और थाई स्पा पार्लरों मे झांकने तक नही जाती है। क्योंकि यहां से उनकी मोटी कमाई होती है। सवाल यहां यह उठता है कि अगर मुंबई मे फिर से कोरोना का मामला बढ़ता है तो, तो क्या इसके लिए मसाज सेंटर और स्पा जिम्मेदार नही होंगे? क्या वो पुलिस और मनपा के लोग जिम्मेदार नही माने जाएंगे? जिनकी इसपर लगाम कसने की जिम्मेदारी है।


