मुंबई (संवाददाता) | मुंबई अगर कहा जाए की सबसे ज्यादा मुंबई में कहां और किस विभाग सबसे अधिक भ्रष्टाचार है तो सबसे पहले एसआरए का नाम लेने में कोई भी व्यक्ति संकोच नहीं करेगा | महाराष्ट्र सरकार मुंबई के झुग्गी—झोपड़ी में रहने वालो के रहन सहन को सुधारने और तरक्की के लिए उक्त योजना को अमल लाया, लेकिन जिस गति से परिणाम आने चाहिए नहीं आ रहा है | इस बात को लेकर सब हैरान भी है | गंभीर सवाल का जबाब सब जानते है पर पहल कौन करे ? और क्यों करें पर सब मौन है ?
मुंबई महानगर के चेहरे पर दाग बनी झोपड़ियों को दूर करने के लिए सरकार ने एसआरए को लाया पर भ्रष्टाचार के कारण सफल नहीं हो रही है | कई जगह चल रही एसआरए स्कीम गहरे विवादों में उलझी है | बहुत से बस्तियों में आसानी से होने वाली स्कीम भ्रष्टाचार की सूली पर लटकी है | बांद्रा चीफ आफिसर पर सबकी निगाह होती है | कई सीईओ अबतक आते-जाते रहे है पर समाधान करने की कूबत किसी में नहीं दिखी| इस बात पर कई लोगो ने बताया कि सरकारी जमीन पर अधिकार सरकार का होता है सरकार को कड़ाई दिखाना होगा | स्कीम के तहत विकास क्यों नहीं हो पा रहा है समझाना होगा| कुछ लोग सबसे बड़ा दोषी एस आर ए विभाग को मानते है तो कई लोग बिल्डर, नियोजित सोसायटी के पदाधिकारी और स्थनीय राजनीतिकों को दोषी मानते है | पैसे के लालच में एस आर ए के सब अधिकारी भटके हुए है | पैसे की लालच में कई स्कीमों को बलि ले रहे है | राज नेताओं का दबदबा खूब चलता है | खब्बू अधिकारीयों के पेट और जेब दोनों फूल रही है | दीपक कपूर के पद संभालते ही कनिष्क अधिकारीयों के कान खड़े थे | देखना है दीपक कपूर अपने अपने अधिकारीयों के कुर्सी के निचे खनते सिक्के की आवाज को कैसे रोक पाते है ! नेताओं के दो-मुही नीति से कैसे मुकाबला करेंगे ! बिल्डर लाबी से कैसे निपटे गे ? लालची सोसायटी के पर नकेल किस तरह कसेगें|


