मुंबई (संवाददाता)। एक ओर देश की सबसे धनवान मुंबई महानगर पालिका अपने स्कूलों को चलाने में अक्षम साबित हो रही हैं। तो दूसरी ओर शिक्षा माफिया अवैध इमारतों का निर्माण कर उस में स्कूल चला रहे हैं और मालानाल हो रहे हैं। अवैध इमारतों में चलने वाले ऐसे स्कूल कांदिवली पश्चिम के गणेश नगर में करीब एक दर्जन के आस पास हैं। इन स्कूलों को शिक्षा विभाग बकायदा अनुदान भी देती है। जबकि हादसा होने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा के नाम पर इन स्कूलों के पास कुछ भी नहीं है।
बता दें कि मालाड पश्चिम के मालवणी परिसर में लगभग दो दर्जन से अधिक ऐसे स्कूल हैं जिनकी इमारतें पूरी तरह कानून की ताक पर रख कर बनाई गई हैं। अभिभावकों से बच्चों को पढाने के नाम पर हर महीने मोटी-मोटी रकम वसूलने वाले इन स्कूलों के मालिकों पर न सिर्फ मनपा प्रशासन बल्कि राज्य का शिक्षा विभाग भी पराशर्य देता नजर आता है। एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा मालवणी के इन स्कूलों की अवैध इमारतों को कोर्ट द्वारा तो़डे जाने का आदेश लाए जाने के बाद भी आज तक इन स्कूलों की एक इट भी मनपा प्रशासन नहीं हिला पाई है। ऐसे ही गणेश नगर के स्कूलों की अवैध इमारतों का हाल है। यहां शिवशक्ति शिक्षण संस्था सहित अन्य स्कूलों के अवैध इमारतों को मनपा आर दक्षिण विभाग का पूरा संरक्षण प्राप्त है। शिवशक्ति शिक्षण संस्था के तहत चलने वाले स्कूल की इमारत पूरी तरह अवैध है और गलियां इतनी संकरी है कि कोई हादसा हो जाए तो फायरब्रिगेड या अन्य सहायता कर्मियों को वहां तक पहुंचना नाको चने चबाने जैसा साबित होगा। इतनी कमियां होने के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी आंखों पर पट्टी बांध कर शिवशक्ति शिक्षण संस्था को अनुदान देने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं। इसी तरह ९० फिट रोड स्थित डॉ. बी. आर. आंबेडकर विद्यालय भी सुरक्षा के नाम पर कानून की धज्जियां उ़डा रहा है। सबसे ब़डी बात यह है कि जनता की वोट से जन सेवक बनने वाले स्थानीय नगरसेवक, विधायक भी वोट की राजनीती में फंस कर ऐसे स्कूलों के अवैध ढांचों को अपना पूरा, संरक्षण देते नजर आते हैं।


