- व्यापारी बन कर व्यापारियों से करते थे ठगी
- पुलिस ने पांच ठगों को पकड़ा
मुंबई (सं. भा.) साइबर ठगों से परेशान लोगों की परेशानी बढ़ाने के लिए राजस्थानी कुमावत गैंग नामक ठग गिरोह भी सक्रिय हो गया है। कुमावत गैंग से जुड़े लोग खुद को बड़ा व्यापारी बता कर दूसरे व्यापारियों को लूटने का काम करते हैं। इसी कुमावत गैंग के 5 सदस्यों को मुंबई की दिंडोशी पुलिस ने मालाड पूर्व के तानाजी नगर और विरार से गिरफ्तार किया है।

ज्ञात हो कि 20 दिसंबर को मध्यप्रदेश स्थित इंदौर के एक व्यापारी ने दिंडोशी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार इंदौर के व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने व्हाट्सएप पर जो फोटो लगाए थे वह उसके परिचित का था। कॉल करने वाले ने पहले तो इंदौर के व्यापारी को अपने विश्वास में लिया। फिर कॉलर ने कहा कि अंगडिया उसका फोन नही उठा रहा है। आप मुझे तुरंत 40 लाख रुपए भेज दीजिए। मेरा आदमी आपको पैसे देने के लिए निकल चुका है। कॉलर के लच्छेदार बातों में आ कर इंदौर के व्यापारी ने अंगडिया के माध्यम से कॉलर को पैसे भेज दिए। उसके बाद से पैसा लेने वाला व्यापारी का फोन बंद बता रहा है। शिकायत दर्ज होने के बाद दिंडोशी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जीवन खरात के मार्गदर्शन में जांच अधिकारी डॉक्टर चंद्रकांत घार्गे, हवलदार रनशिवरे, बोराटे, पाटिल, बांगर, दापुरे, गुजर और चव्हाण की टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल्स और लोकेशन आदी की मदद से मालाड पूर्व के तानाजी नगर और विरार से कुमावत गैंग के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम विक्रम अचलाराम कुमावत, मुकेश तगाराम कुमावत, हंसमुख पुखराज सुराणा, मोहन अचलाराम कुमावत और विक्रम लालचंद सुराणा है। इनके पास से पुलिस ने 14 लाख 50 हजार रुपए बरामद किए हैं। आरोपी हंसमुख सुराणा के उपर मुंबई, ठाणे सहित कर्नाटक में 10 ठगी के मामले दर्ज हैं। यह सभी राजस्थान, पाली के रहने वाले हैं।


